January 14, 2026

केदारनाथ गुप्ता का बड़ा ऐलान, अपेक्स बैंक में अब नहीं चलेगा भ्रष्टाचार, गड़बड़ी की होगी EOW से जांच

kedarnath-gupta

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता ने रायपुर के पंडरी स्थित अपेक्स बैंक में प्रेस वार्ता आयोजित की. उन्होंने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अहम ऐलान किए हैं. केदार गुप्ता ने बैंकिंग व्यवस्था, किसानों को दी जा रही सुविधाओं और पूर्व में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने एक ओर जहां किसानों को कई नई सौगातों का ऐलान किया, वहीं दूसरी ओर पूर्व कार्यकाल में जमकर गड़बड़ी और भ्रष्टाचार होने का गंभीर आरोप भी लगाया. जिसकी EOW से जांच कराई जाएगी.

केदार गुप्ता का कांग्रेस पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केदार गुप्ता ने पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में किसानों के नाम पर लोन उठाए जाते थे और किसानों को इसकी जानकारी तक नहीं होती थी. जब नोटिस आते थे तब किसान दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर होते थे. उन्होंने कहा कि उस दौर में जमकर गड़बड़ियां हुईं, जिनमें कुछ मामलों में कार्रवाई भी हुई है और बाकी मामलों की फाइलें अब खोली जा रही हैं.

“अपेक्स बैंक बनेगा भ्रष्टाचार-मुक्त मॉडल बैंक”
केदार गुप्ता ने साफ कहा कि मौजूदा सरकार की मंशा है कि अपेक्स बैंक को पूरी तरह आधुनिक, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाया जाए. इसी दिशा में बैंक में तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं ताकि भ्रष्टाचार की हर खिड़की बंद की जा सके और आम किसान को सीधा लाभ मिले.

बायोमेट्रिक सिस्टम से खत्म होगा फर्जी लोन
केदारनाथ गुप्ता ने ऐलान किया कि अब लोन वितरण में बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया जा रहा है. अब कोई भी व्यक्ति किसान के नाम पर फर्जी तरीके से लोन नहीं उठा सकेगा। किसान को खुद उपस्थित होकर थंब इम्प्रेशन देना होगा, जिससे दलाल और बिचौलियों की दुकान पूरी तरह बंद हो जाएगी.

किसानों के नाम पर जिन्होंने भी लूट की है, उनकी पहचान की जा रही है और आने वाले समय में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, ऐसे मामलों की जांच ईओडब्ल्यू से कराई जाएगी. अपेक्स बैंक अब घोटालों का अड्डा नहीं, किसानों का भरोसेमंद सहारा बनेगा- केदारनाथ गुप्ता, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक)

किसानों को बड़ी राहत, कैश लिमिट बढ़ाई गई
केदार गुप्ता बताया कि खेती के लिए मिलने वाले लोन में किसानों को अब पहले से ज्यादा नकद राशि मिलेगी. पहले जहां 60 प्रतिशत नकद और 40 प्रतिशत खाद-बीज के लिए मिलता था, अब इसे बढ़ाकर 66 प्रतिशत कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह फैसला सीधे तौर पर किसान की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है.

धान खरीदी में हुआ रिकॉर्ड भुगतान
केदारनाथ गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2023-24 में 24.72 लाख किसानों से 144.92 लाख टन धान की खरीदी की गई और 31,665 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया गया. इसके अलावा कृषक उन्नति योजना के तहत 13,260 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी गई.

धान खरीदी, साल 2024-25 में भी टूटा रिकॉर्ड
केदार गुप्ता ने दावा किया कि वर्ष 2024-25 में 25.50 लाख किसानों से 149.25 लाख टन धान की खरीदी हुई और 34,349 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. साथ ही कृषक उन्नति योजना के तहत 11,940 करोड़ रुपये भी किसानों को दिए गए. दो वर्षों में कुल मिलाकर 91,214 करोड़ रुपये किसानों तक पहुंचे हैं.

किसानों को दो साल का बोनस भी दिया
केदारनाथ गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार ने जिस धान बोनस को लटकाकर रखा था, उसे मौजूदा सरकार ने पूरा किया. खरीफ 2014-15 और 2015-16 का कुल 3,641 करोड़ रुपये का बोनस किसानों को देकर सरकार ने यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ घोषणा नहीं, काम करने वाली सरकार है.

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