January 15, 2026

गार्ड ऑफ ऑनर के साथ विनोद शुक्ल को अंतिम विदाई: बेटे ने दी मुखाग्नि, सीएम ने कांधा दिया, अंतिम यात्रा में विश्वास भी शामिल हुए

cmmm11

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि, कथाकार और उपन्यासकार विनोद कुमार शुक्ल का 88 वर्ष की आयु में मंगलवार शाम निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार रायपुर के मारवाड़ी श्मशान घाट में हुआ। बेटे शाश्वत ने उन्हें मुखाग्नि दी, जबकि मुख्यमंत्री साय ने पार्थिव शरीर को कांधा दिया। अंतिम यात्रा में कुमार विश्वास भी शामिल हुए। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।

बता दें कि शुक्ल को एक महीने पहले ही भारत के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया था। वे पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज एम्स रायपुर में चल रहा था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर दुख जताया और कहा कि ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात लेखक विनोद कुमार शुक्ल जी का निधन अत्यंत दुःखद है। हिन्दी साहित्य में उनके अमूल्य योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल मारवाड़ी श्मशान घाट पहुंचकर विनोद कुमार शुक्ला को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि शुक्ल का जाना पूरे देश की क्षति है।

शुक्ल को जानने वाले उन्हें कभी भूल नहीं पाएंगे- भगवान तिवारी
फिल्म अभिनेता भगवान तिवारी ने कहा कि, विनोद कुमार शुक्ल का जाना केवल राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है। साहित्य, नाटक और सिनेमा जगत से जुड़े लोगों के लिए भी यह अपूरणीय नुकसान है। जो भी उन्हें जानता या उनसे परिचित रहा, वह उन्हें कभी भुला नहीं पाएगा।

error: Content is protected !!