मनरेगा की जगह ‘जी राम जी’ योजना लाने की तैयारी, 125 दिन रोजगार गारंटी, 15 दिन तक काम नहीं मिला तो मिलेगा बेरोजगारी भत्ता
नईदिल्ली। केंद्र सरकार ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) mnrega का नाम बदलकर अब ‘जी राम जी’ योजना किया जाएगा। सरकार इसके लिए संसद में एक नया विधेयक लाने की तैयारी में है और इसकी प्रति सांसदों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, इस योजना का आधिकारिक नाम ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB G RAM G Bill Update होगा। इसका मकसद ग्रामीण भारत में रोजगार के अवसर बढ़ाना और लोगों की आजीविका को मजबूत करना है।

100 से बढ़कर 125 दिन होगा रोजगार
नए प्रस्ताव में सबसे अहम बदलाव रोजगार के दिनों को लेकर है। अभी मनरेगा के तहत एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन का रोजगार देने की गारंटी है। सरकार इसे बढ़ाकर 125 दिन करने का ऐलान कर सकती है। कैबिनेट ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 में संशोधन करने का फैसला किया है, ताकि जरूरतमंद ग्रामीण मजदूरों को ज्यादा काम और स्थिर आय मिल सके।
संसद के शीतकालीन सत्र में आ सकता है बिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस अहम बदलाव पर सहमति बनी है। सरकार मौजूदा कानून में संशोधन के लिए नया बिल संसद के शीतकालीन सत्र में पेश कर सकती है। संसद का यह सत्र 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा।
125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी
प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार किया जाएगा। इसके तहत स्वेच्छा से अकुशल शारीरिक श्रम करने वाले हर ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य को हर साल 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के जरिए सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
15 दिन तक काम नहीं मिला तो मिलेगा बेरोजगारी भत्ता
नए बिल में यह भी प्रस्ताव है कि मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या काम पूरा होने के 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। अगर आवेदन के 15 दिनों के अंदर काम नहीं मिला, तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी किया गया है।
