CG : ठंड ने बढ़ाया हार्ट अटैक का खतरा, अंबेडकर अस्पताल में 10 दिन में 83 मरीजों का तुरंत इलाज
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड के बीच हृदय रोगियों पर बढ़ते जोखिम को देखते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय का कार्डियोलॉजी विभाग पूरी सतर्कता के साथ हाई अलर्ट मोड में काम कर रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि पिछले दस दिनों में ही 83 विभिन्न हृदय प्रक्रियाएँ पूरी की गई हैं, जिनमें आपात स्थितियों में की गई एंजियोप्लास्टी भी शामिल है।
संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि शीतलहर के दौरान हार्ट अटैक का खतरा सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है। ठंड से शरीर की रक्त नलिकाएँ सिकुड़ती हैं, जिससे हृदय पर दबाव बढ़ता है और खतरा अधिक हो जाता है, खासतौर पर बुजुर्गों और पहले से हृदय रोग से पीड़ित मरीजों के लिए। उन्होंने अपील की कि किसी भी तरह के असामान्य लक्षण जैसे सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर आना, पसीना आना या बेचैनी को हल्के में न लें और तत्काल अस्पताल पहुँचें।
अस्पताल ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कार्डियोलॉजी विभाग में 24 घंटे मुफ्त और त्वरित उपचार की व्यवस्था कर रखी है। गंभीर हार्ट अटैक के मरीजों के लिए इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी की सुविधा लगातार उपलब्ध है। एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट (एसीआई) के प्रोफेसर और कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव के अनुसार पिछले दस दिनों में आपात स्थिति में पहुंचे तीन मरीजों की सफल एंजियोप्लास्टी कर उनकी जान बचाई गई।
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि 01 से 11 दिसंबर 2025 के बीच विभाग में 52 एंजियोग्राफी, 24 एंजियोप्लास्टी, चार पेसमेकर प्रत्यारोपण, एक टावी (TAVI) प्रक्रिया और तीन आपात एंजियोप्लास्टी सहित कुल 83 महत्वपूर्ण हृदय प्रक्रियाएँ संपन्न की गईं। उन्होंने कहा कि ठंड का असर सीधा हृदय पर पड़ता है और इस मौसम में मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि स्वाभाविक है।
चिकित्सकों ने नागरिकों को सलाह दी है कि सुबह-शाम की कड़ाके की ठंड से बचें, अचानक ठंड में बाहर न निकलें, नियमित स्वास्थ्य जांच कराएँ और जीवनशैली में ऐसी आदतें अपनाएँ जो हृदय को सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर उपचार से हार्ट अटैक के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
