CG: अब धोती-गमछा पहनने पर विवाद, खाने पहुंचे बुजुर्ग को रिजॉर्ट प्रबंधन ने निकाला बाहर, जमकर हुआ हंगामा…
रायगढ़। कला संस्कृति की नगरी में गुरुवार रात नेशनल छातामुड़ा बाइपास हाइवे से सटे नव संचालित अमाया रिजॉर्ट में धोती-बनियान पोषाक पर विवाद उत्पन्न कर दिया। पोते के जन्मदिन पर रात्रि भोजन करने सपरिवार आए लोगों को कपड़े पर भेदभाव, होटल के अंदर प्रवेश वर्जित का पीड़ा सहना पड़ा। इस दृश्य ने पूरे शहर का मिज़ाज बदल दिया।
दरअसल पूरा मामला गुरुवार देर शाम का है, जहां सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला के रहने वाले विष्णु चरण अपने परिजनों के साथ पोते का जन्म दिवस मनाने के लिए रायगढ़ के अमाया रिजॉर्ट में टेबल बुक किया और फिर जन्मदिन मनाने पहुंचे. पहले तो गार्ड ने उन्हें लूंगी-बनियान और गमछे के साथ देखा तो एक बार अमाया रिसोर्ट के भीतर जाने के लिए मना किया. फिर जैसे-तैसे प्रवेश हुआ लेकिन जब खाना खाने के लिए जिस टेबल को बुक किया था और फिर वहां बैठे तब अमाया रिजॉर्ट के प्रबंधन ने आप लूंगी बनियान और गमछा में कैसे खाने के लिए रिसोर्ट के भीतर प्रवेश कर सकते कह कर बेइज्जत कर बाहर निकाल दिया.

सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटना
सोशल मीडिया में रात्रि में वायरल इस घटना के बाद बखेड़ा खड़ा कर दिया। स्वजन होटल के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। भेदभाव की भनक सामाजिक संगठन को लगते वे भी इसमें शामिल हो गए। इस घटना ने न सिर्फ छत्तीसगढ़ी लोक अस्मिता को झकझोरा, बल्कि भारतीयता बनाम दिखावे की संस्कृति की बहस भी तेज करते हुए धरना-प्रदर्शन और नारे बाजी होने लगी।
सामाजिक संगठनों ने जताया भारी विरोध
सामाजिक संगठनों के सदस्य इस तरह के व्यवहार पर तीखा विरोध करने जताया। रायगढ़ में छत्तीसगढ़ी परिधान का अपमान नहीं सहेंगे, लोगों ने इसे छत्तीसगढ़ी अस्मिता का अपमान बताया। इस बीच अपमानित बुजुर्ग विष्णु चरण साव, ग्राम बरमकेला निवासी ने बताया कि वह वर्षों से ऐसे ही परिधान पहनते आ रहे है। यकीन न आए तो उनके आधार कार्ड को देखा जा सकता है। आधी रात जूटमिल पुलिस की मौजूदगी में आंदोलन के बाद होटल प्रबंधन ने माफी मांगी तब कही जाकर मामला शांत हुआ।
