CG : 477 का एनकाउंटर, 2100 का सरेंडर, 1785 गिरफ्तार, जवानों ने ऐसे तोड़ा माओवादी संगठन, अमित शाह का नया अल्टीमेटम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबल के जवानों को हर दिन बड़ी कामयाबी मिल रही है। सुरक्षाबल के जवानों के सामने गुरुवार को 170 नक्सलियों ने सरेंडर किया। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में कई संगठन के टॉप लीडर शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के दो सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों को नक्सल मुक्त घोषित किया। इसके बाद उन्होंने एक बार फिर दो टूक कहा है जो नक्सली आत्मसमर्पण करने को तैयार हैं उनका स्वागत है, लेकिन जो लोग हथियार उठाए रहेंगे, उन्हें सुरक्षा बलों की कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

क्या कहा अमित शाह ने
अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘यह बहुत खुशी की बात है कि एक समय आतंक का गढ़ रहे छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर को आज नक्सली हिंसा से पूरी तरह मुक्त घोषित कर दिया गया है। अब छिटपुट नक्सली केवल दक्षिण बस्तर में बचे हुए हैं, जिन्हें हमारे सुरक्षा बल शीघ्र ही समाप्त कर देंगे।’’ गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में यह एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि छत्तीसगढ़ में 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने बताया कि बुधवार को छत्तीसगढ़ में 27 और महाराष्ट्र में 61 ने हथियार डाले थे। पिछले दो दिनों में कुल 258 वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है।
अब तक कितने नक्सलियों का सरेंडर
छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से नक्सलवाद के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। जनवरी 2024 से, छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है जबकि 1785 को गिरफ्तार किया गया है और 477 मारे गये हैं। अमित शाह ने कहा कि ‘‘ये आंकड़े 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के हमारे दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं।’’
तीन जिले सबसे ज्यादा प्रभावित
छत्तीसगढ़ के बस्तर में 7 जिले हैं। अब केवल छत्तीसगढ़ का बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर ही नक्सल प्रभावित बचे हैं। इन जिलों में सुरक्षाबल के जवान लगातार नक्सल विरोधी अभियान के तहत कार्रवाई कर रहे हैं। नक्सलियों से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षाबल की टीम युवाओं से अपील कर रही है कि हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएं।
मार्च 2026 है टारगेट
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के तहत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने टारगेट तय किया था। अमित शाह ने कहा था कि मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त कर देंगे। जिसके बाद से जवान लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।
