EMI नहीं चुकाने पर मोबाइल-TV-Washing Machine जैसे प्रोडक्ट होंगे लॉक, नया नियम करेगा परेशान
नईदिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India – RBI) छोटे कर्जों की वसूली को आसान बनाने के लिए नई व्यवस्था पर काम कर रहा है। इसके तहत यदि कोई ग्राहक EMI समय पर नहीं चुकाता है तो मोबाइल (Mobile), स्मार्ट टीवी (Smart TV), वॉशिंग मशीन (Washing Machine) जैसे प्रोडक्ट्स को दूर से ही लॉक कर दिया जाएगा। यानी ग्राहक किस्त भरने तक वह प्रोडक्ट इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।
EMI पर खरीदे प्रोडक्ट में पहले से होगा सॉफ्टवेयर
इस सिस्टम के लागू होने पर EMI पर मिलने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स (Electronics) प्रोडक्ट्स में पहले से एक एप (App) या सॉफ्टवेयर (Software) इंस्टॉल होगा। जैसे ही ग्राहक किस्त चुकाने में डिफॉल्ट करेगा, बैंक या फाइनेंस कंपनी उस डिवाइस को रिमोटली (Remotely) लॉक कर देगी। किस्त चुकते ही डिवाइस फिर से चालू हो जाएगा।
डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी पर चिंता
फाइनेंस एक्सपर्ट (Finance Expert) आदिल शेट्टी का कहना है कि इस सिस्टम में एक बड़ा खतरा डेटा सुरक्षा (Data Security) का है। यदि बैंक या फाइनेंस कंपनी को रिमोट एक्सेस (Remote Access) मिल जाता है तो करोड़ों ग्राहकों का निजी डेटा रिस्क पर होगा। अगर यह डेटा लीक हुआ तो ब्लैकमेलिंग (Blackmailing) और साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
किन प्रोडक्ट्स पर लागू होगा यह नियम?
मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी जैसे डिजिटल प्रोडक्ट्स पर इसे आसानी से लागू किया जा सकता है।
कार (Car) और बाइक (Bike) जैसी गाड़ियों में अमेरिका (America), कनाडा (Canada) और अफ्रीकी देशों (African Countries) में पहले से ऐसा सिस्टम मौजूद है।
घरेलू उपकरण (Home Appliances) जैसे फ्रिज (Fridge), वॉशिंग मशीन में तकनीकी रूप से संभव है, लेकिन भारत जैसे बाजार में अभी सीमित है।
फर्नीचर और नॉन-डिजिटल प्रोडक्ट्स पर यह सिस्टम लागू नहीं होगा।
किन देशों में पहले से लागू है यह सिस्टम?
अमेरिका (USA): कार लोन (Car Loan) में ‘किल स्विच’ (Kill Switch) तकनीक। EMI न चुकाने पर कार स्टार्ट नहीं होती।
कनाडा (Canada): ‘स्टार्टर इंटरप्ट डिवाइस’ (Starter Interrupt Device) कार को बंद कर देता है।
अफ्रीका (Africa): ‘पे-एज-यू-गो’ (Pay-as-you-go) सोलर सिस्टम। EMI न भरने पर सोलर पैनल रिमोट से बंद कर दिया जाता है।
फायदे और नुकसान
डिफॉल्ट (Default) केस घटेंगे।
बैंकों और लोन कंपनियों का भरोसा बढ़ेगा।
कमजोर क्रेडिट स्कोर वाले लोगों को भी प्रोडक्ट खरीदने का मौका मिलेगा।
EMI न भरने पर मोबाइल या कार जैसी जरूरी चीजें बंद हो जाएंगी, जिससे शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा।
छोटे कर्ज की बढ़ती डिमांड
CRIF हाईमार्क (CRIF Highmark) के अनुसार, 1 लाख रुपए से कम के लोन में डिफॉल्ट दर सबसे ज्यादा है। वहीं, 2024 की एक स्टडी बताती है कि एक-तिहाई से ज्यादा उपभोक्ता मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स EMI पर खरीदते हैं। ऐसे में नया सिस्टम लागू होने से वसूली आसान हो सकती है, लेकिन इसके सामाजिक और कानूनी असर पर बहस जारी है।
