BJP विधायक रेणुका सिंह के विवादित बोल, कहा ‘सरकार में भी है रावण’ कांग्रेस ने पूछा – कौन है वो रावण…
मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ में गुरुवार को विजयादशमी का पर्व मनाया गया. वहीं अपने विधानसभा क्षेत्र सोनहत में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री व भरतपुर सोनहत की भाजपा विधायक रेणुका सिंह ने विवादित बयान दिया है, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. मंच से रेणुका सिंह ने कहा, सरकार में भी रावण है. समाज में भी रावण रहते हैं, लेकिन रावण के अंत का संकल्प लेना पड़ता है. वहीं कांग्रेस ने रेणुका सिंह के बयान पर सवाल उठाते कहा है कि विधायक रेणुका सिंह बताएं सरकार में रावण कौन हैं?

उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विजयादशमी का पर्व जहां अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है, वहीं विधायक के इस बयान को कई लोग राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।
कांग्रेस ने किया पलटवार
विधायक के बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि, “विधायक बताएं कि आपकी सरकार में रावण कौन हैं? कौन जनता का हक निगल रहा है?”
गुलाब कमरो ने यह भी आरोप लगाया कि समाज में अगर रावण जैसे लोग पल रहे हैं तो वह किसके संरक्षण में हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेताओं को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि उनके बयान का असल मतलब क्या है।

राजनीतिक मायने और चर्चाएं
रेणुका सिंह का यह बयान केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। विजयादशमी के दिन दिया गया यह संदेश साफ तौर पर समाज और सत्ता दोनों में मौजूद बुराइयों की ओर इशारा करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है। खासकर इसलिए क्योंकि छत्तीसगढ़ में अगले चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और ऐसे बयानों से माहौल गरमाना तय है।
जनता की प्रतिक्रियाएं
स्थानीय स्तर पर भी लोगों में इस बयान को लेकर चर्चा हो रही है। कुछ लोग इसे समाज सुधार का संदेश मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे भाजपा सरकार के खिलाफ भीतरघात या असंतोष का संकेत बता रहे हैं।
