कोलंबिया में बोले राहुल गांधी, ‘लोकतंत्र पर हमला भारत के लिए बड़ा खतरा’
नई दिल्ली/बोगोटा। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोकतंत्र पर हमला है.
कोलंबिया के ईआईए विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम में बोलते हुए गांधी ने “संरचनात्मक खामियों” के मुद्दे पर प्रकाश डाला और सुझाव दिया कि देश की विविध परंपराओं को पनपने दिया जाना चाहिए.
राहुल ने कहा, “भारत में इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में मजबूत क्षमताएं हैं, इसलिए मैं देश के बारे में बहुत आशावादी हूं. लेकिन साथ ही, इस ढांचे में कुछ खामियां भी हैं जिन्हें भारत को ठीक करना होगा. सबसे बड़ी चुनौती भारत में लोकतंत्र पर हो रहा हमला है.”
कांग्रेस नेता ने तर्क दिया कि लोकतांत्रिक प्रणाली विविधता के लिए महत्वपूर्ण है, जो धार्मिक विश्वासों सहित विभिन्न परंपराओं, रीति-रिवाजों और विचारों को पनपने की अनुमति देती है. हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक प्रणाली पर हमला हो रहा है, जो एक बड़ा जोखिम या खतरा है. उन्होंने कहा, “भारत में अनेक धर्म, परंपराएं और भाषाएं हैं – वास्तव में, यह देश अनिवार्य रूप से इन सभी लोगों और संस्कृतियों के बीच एक संवाद है.”
गांधी ने कहा, “विभिन्न परंपराओं, धर्मों और विचारों को स्थान की आवश्यकता होती है और उस स्थान को बनाने का सबसे अच्छा तरीका लोकतांत्रिक प्रणाली है.” वर्तमान में, इस लोकतांत्रिक व्यवस्था पर व्यापक हमला हो रहा है, और यह एक बड़ा ख़तरा है. एक और बड़ा ख़तरा देश के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न धारणाओं के बीच तनाव है.
उन्होंने कहा, “16-17 प्रमुख भाषाओं और कई धर्मों के साथ, इन विविध परंपराओं को पनपने देना और उन्हें आवश्यक स्थान देना महत्वपूर्ण है.” इसके अलावा, गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जोड़ी पर हमला करते हुए कहा कि कायरता उनकी विचारधारा के केंद्र में है.
उन्होंने कहा, ‘‘यह भाजपा-आरएसएस का स्वभाव है. अगर आप विदेश मंत्री के बयान पर गौर करें तो उन्होंने कहा, ‘चीन हमसे कहीं अधिक शक्तिशाली है.” कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मैं उनसे कैसे झगड़ा कर सकता हूं?’’ इस विचारधारा के मूल में कायरता है.
उन्होंने विनायक दामोदर सावरकर की पुस्तक से एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि हिंदुत्व विचारक ने लिखा है कि, “उन्होंने और उनके दोस्तों ने एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की और इस पर खुश हुए.”
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गांधी ने कहा कि आरएसएस की विचारधारा “कमजोर लोगों को पीटना” और उनसे अधिक शक्तिशाली लोगों से दूर भागना है. अपनी पुस्तक में सावरकर ने लिखा है कि एक बार उन्होंने और उनके कुछ दोस्तों ने एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई कर दी थी और उस दिन उन्हें बहुत खुशी हुई थी. उन्होंने आगे कहा, “अगर पांच लोग किसी एक व्यक्ति को पीटते हैं, जिससे उनमें से एक खुश होता है, तो यह कायरता है. कमज़ोर लोगों को पीटना आरएसएस की विचारधारा है.”
