रायपुर कलेक्ट्रेट में गिरी छत!, सरकारी फाइलें मलबे में दबीं, 1915 में बना था कमरा नंबर 8, छुट्टी का दिन होने से टला बड़ा हादसा
रायपुर। राजधानी रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ जब कक्ष क्रमांक 8 की छत अचानक भरभराकर गिर गई। इस छत के मलबे में कई महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें दब गई हैं, लेकिन सौभाग्य से दिन रविवार होने के कारण कमरे में कोई कर्मचारी या आम जनता मौजूद नहीं थी, जिससे बड़ी जनहानि होने से बच गई।
कलेक्ट्रेट की पुरानी और कमजोर छत ने लिया विकराल रूप
रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर की यह छत काफी पुराने और कमजोर होने की वजह से गिर गई है। सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से इस कक्ष की मरम्मत नहीं हुई थी, जिससे संरचना कमजोर पड़ चुकी थी। इसके चलते छत का अचानक ढहना सुरक्षा में बड़ी खामी को दर्शाता है। रोजाना हजारों सरकारी कर्मचारी और आम जनता यहां काम के लिए आते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सरकारी फाइलें मलबे और धूल में दबीं
इस हादसे में कक्ष में रखी कई सरकारी फाइलें मलबे के नीचे दब गईं हैं। ये फाइलें महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरी हुई थीं, जिनके खोने या क्षतिग्रस्त होने से प्रशासनिक कार्यों में बाधा आ सकती है। फिलहाल राहत की बात यह है कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इस घटना ने कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा और रखरखाव की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।
कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा कलेक्ट्रेट परिसर की नियमित रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। कर्मचारी और स्थानीय नागरिक प्रशासन से जल्द मरम्मत और सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। इससे पहले भी कई बार यहां संरचनात्मक समस्याओं की शिकायतें मिल चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
प्रशासन की कार्रवाई और भविष्य की योजना
प्रशासन ने इस मामले में तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं और मलबे की सफाई के साथ-साथ फाइलों की पुनः प्राप्ति का कार्य शुरू कर दिया है। साथ ही, कलेक्ट्रेट परिसर की अन्य कमजोर संरचनाओं का भी निरीक्षण किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की भविष्य में दुर्घटना को रोका जा सके। जनता और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, प्रशासन ने जल्द ही कलेक्ट्रेट भवन के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए योजना बनाने की भी बात कही है।
क्या बोले अधिकारी
एडिशनल कलेक्टर मनीष मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि अंग्रेजी अभिलेख कोर्ट का यह कक्षा कक्ष क्रमांक 8 साल 1915 का निर्मित है। वह काफी कमजोर था जिसकी छत आज गिर गई है। गिरने के सूचना मिलने के बाद संबंधित लोगों को बुलाकर उसे व्यवस्थित किया गया। रिकॉर्ड और फाइलों को व्यवस्थित कराया गया है। इसमें पुराने कर्मचारियों के पेंशन संबंधित रिकॉर्ड थे। बिल्डिंग काफी पुरानी है, इसलिए इसमें संबंधित अधिकारियों को बुलाया गया है।
