CG : शराबी गुरूजी की जाएगी नौकरी; शिक्षा मंत्री बोले – नशे में स्कूल आने वाले शिक्षकों पर FIR और फिर होगी बर्खास्तगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के अनुशासनहीन व्यवहार को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में सरगुजा और बस्तर संभाग से कई शिकायतें सामने आई थीं कि कुछ शिक्षक स्कूल में शराब पीकर आते हैं और छात्राओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। इन गंभीर मामलों पर नए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है।
मंत्री गजेन्द्र यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ऐसे शिक्षकों के खिलाफ अब बर्दाश्त की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले चरण में दोषी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद विभागीय जांच पूरी होते ही दोषी पाए जाने पर उन्हें सेवा से पृथक कर दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि इस संबंध में सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया जा रहा है, ताकि कार्रवाई में देरी न हो।
मंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का अनुशासनहीन आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नियमित निरीक्षण करें और इस तरह के मामलों पर तुरंत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
इससे पहले भी गजेन्द्र यादव ने विभाग में व्यावसायिक शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज कराने का आदेश देकर अपने कड़े तेवर दिखाए थे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मंत्री की यह सख्त कार्रवाई सरकारी स्कूलों में अनुशासन बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
शिक्षाविदों और अभिभावकों ने मंत्री के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण की जगह है और यहां पर शिक्षक अगर शराब पीकर आएंगे तो यह बच्चों के लिए गलत संदेश होगा।
राज्य सरकार का यह निर्णय शिक्षकों को जिम्मेदार और अनुशासित बनाने में मददगार साबित हो सकता है। साथ ही यह संदेश भी जाएगा कि शिक्षा विभाग में लापरवाही और अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
