January 23, 2026

CG : गुरूजी का गज़ब कमाल; 4 साल से दो राज्यों के स्कूलों में करते थे डबल ड्यूटी, हाजिरी भी रोज लगाते.. लेकिन सोया रहा शिक्षा विभाग

ssssss111

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh News) के सूरजपुर जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल, ओड़गी ब्लॉक में पदस्थ लेक्चरर राजेश कुमार वैश्य पर आरोप है कि वे एक साथ मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh Teacher Fraud) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Teacher Scam) के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं।

सुबह में छत्तीसगढ़, दोपहर में एमपी
मिली जानकारी के मुताबिक, राजेश सूरजपुर के चांदनी बिहारपुर के आत्मानंद स्कूल में तो सुबह की पाली में पढ़ाते हैं, वहीं मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के मकरोहर हायर सेकेंडरी स्कूल में भी बतौर अतिथि शिक्षक (Guest Teacher Job MP-CG) पिछले तीन वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं।

दो पाली में ड्यूटी, दोनों जगह से ले रहे वेतन
बिहारपुर स्कूल दो पाली में संचालित होता है। राजेश की ड्यूटी सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक की रहती है। इसके बाद वे तुरंत मध्यप्रदेश के मकरोहर स्कूल पहुँच जाते हैं, जहां कक्षाएं सुबह 10:30 से शाम 4 बजे तक चलती हैं। आरोप है कि वे दोनों स्कूलों में उपस्थिति दर्ज कर वेतन (Dual Salary Teacher Fraud) ले रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा कई वर्षों से चल रहा है।

ग्रामीणों की शिकायत से खुलासा
ग्रामीणों ने लंबे समय से शिकायत (MP-CG Teacher Fraud) की थी कि राजेश वैश्य दोनों राज्यों के स्कूलों में एक साथ नौकरी कर रहे हैं। लगातार विरोध के बाद जांच शुरू हुई और पूरा मामला उजागर हुआ। मकरोहर स्कूल के प्रिंसिपल संतोष मिश्रा ने पुष्टि की कि राजेश की नियुक्ति 2020-21 में अतिथि शिक्षक के रूप में हुई थी, लेकिन उनकी उपस्थिति हमेशा विवादित रही।

वहीं, आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य अरुण राठौर का कहना है कि राजेश का चयन जिला चयन समिति (District Selection Committee) द्वारा किया गया था और वे नियमित रूप से आते रहे हैं।

सूरजपुर DEO ने बनाई जांच समिति
मामला सामने आने के बाद सूरजपुर जिले की जिला शिक्षा अधिकारी (Surajpur DEO Bharti Verma) ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच कमेटी गठित (Inquiry Committee Formed) कर दी गई है और रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सीमा से जुड़ा मामला, दो निवास प्रमाणपत्र का खेल
राजेश वैश्य मूल रूप से मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के सिद्धी खुर्द गांव के रहने वाले हैं। आरोप है कि उन्होंने अलग-अलग Residence Certificate बनवाकर दोनों राज्यों के स्कूलों में नौकरी हासिल की। चूंकि बिहारपुर और मकरोहर की दूरी मात्र 10 किलोमीटर है, इसलिए वे दोनों जगह उपस्थित हो पा रहे थे।

इस पूरे मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब वर्षों से यह फर्जीवाड़ा चल रहा था, तो शिक्षा विभाग को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। फिलहाल, दो राज्यों में एक ही शिक्षक (One Teacher Two Jobs Case) का यह मामला तूल पकड़ चुका है और कार्रवाई तय मानी जा रही है।

मुख्य खबरे

error: Content is protected !!