‘आकाश’ में चमका बॉलिंग का नया ‘दीप’, स्विंग के नए सुल्तान ने बेजान पिच पर अंग्रेजों को दिन में तारे दिखाए
नई दिल्ली। हेडिंग्ले में पहले टेस्ट की दोनों पारियों में बड़ा स्कोर बनाने के बावजूद टीम इंडिया के मैच गंवाने की मुख्य वजह साफतौर पर उसका कमजोर बोलिंग अटैक रहा। ऐसे में एजबेस्टन में भारतीय गेंदबाजी के ‘ट्रंप कार्ड’ जसप्रीत बुमराह को रेस्ट देने के बाद ऐसा लगा कि भारतीय पेस अटैक की धार और कुंद हो जाएगी, लेकिन तस्वीर में आए आकाश दीप ने शायद कुछ और ही ठान रखा था। मैच की पहली पारी में विकेट का ‘चौका’ और दूसरी पारी में ‘छक्का’ लगाकर भारतीय जीत की इबारत लिखने वाले क्रिकेट के नए ‘आकाश’ की घातक इनस्विंगर्स का अंग्रेज बल्लेबाजों के पास कोई जवाब ही नहीं था।
चार विकेट क्लीन बोल्ड से
खास बात यह कि मैच में दस विकेट लेने वाले 6 फीट 1 इंच लंबे पेसर आकाश ने इनमें से चार बल्लेबाजों को क्लीन बोल्ड कर पविलियन भेजा, जो क्रिकेट में किसी गेंदबाज का बल्लेबाज के ऊपर पूर्ण दबदबे का प्रतीक होता है। पहली पारी में जहां उन्होंने शतकीय पारी खेलने वाले हैरी ब्रुक को बोल्ड किया था तो दूसरी इनिंग्स में बेन डकेट, ओली पोप और जो रूट जैसे दिग्गजों की गिल्लियां बिखेरीं। यह पहला मौका था जब आकाश दीप ने टेस्ट क्रिकेट में पांच विकेट झटके। यही नहीं, इंग्लैंड के खिलाफ इंग्लैंड में एक टेस्ट मैच में दस विकेट लेने वाले आकाश दीप दूसरे भारतीय गेंदबाज बने। उनसे पहले यह कारनामा चेतन शर्मा ने 1986 में किया था। उन्होंने भी एजबेस्टन में ही 10 विकेट झटके थे।
नंबर्स गेम
10 विकेट लिए 187 रन देकर आकाश दीप ने एजबेस्टन टेस्ट में, जो कि इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट मैचों में किसी भारतीय बोलर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पूर्व चेतन शर्मा ने 1986 एजबेस्टन में ही 188 रन देकर 10 विकेट लिए थे। 17 विकेट लिए आकाश दीप और मोहम्मद सिराज ने मिलकर एजबेस्टन टेस्ट की दोनों पारियों में। यह टेस्ट में भारत की तरफ से नई गेंद के गेंदबाजों का संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले इरफान पठान-जहीर खान और ईशांत शर्मा-उमेश यादव की जोड़ी एक टेस्ट में इतने ही विकेट ले चुकी है।
विपक्षी कप्तान भी हुए मुरीद
एजबेस्टन टेस्ट की पहली पारी में छह विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने अपने साथी आकाश की सहाराना की। उन्होंने कहा, ‘आकाश जब भी बॉलिंग करते तो मैं मिड-ऑफ पर खड़ा रहता। मैं उनसे कह रहा था कि सिर्फ विकेट लेने के पीछे मत भागो, एक ही एरिया में बोलिंग करते रहो और तुम्हें विकेट मिल जाएंगे।’ वहीं, इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने कहा, ‘आकाश ने पिच पर पड़ी दरार का अच्छा इस्तेमाल किया। लगातार एंगल बदलने और उसका इस्तेमाल करने की उनकी क्षमता अद्भुत है और फिर भी वह इतने सटीक हैं। वह उस दरार पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे। संडे सुबह हैरी ब्रुक जिस गेंद पर आउट हुए उस पर कोई भी बल्लेबाज कुछ नहीं कर सकता था। जब जेमी स्मिथ ने शुरुआत में कुछ रन बनाए, तब मैं दूसरे छोर पर खड़ा था। गेंद एक फुट की दूरी पर थी। आकाश ने जिस तरह से क्रीज पर कोण बदलते हुए भी उस क्षेत्र में गेंद की उससे उनके अविश्वसनीय कौशल का पता चलता है।’
बहन के नाम किया प्रदर्शन
आकाश दीप ने अपने शानदार प्रदर्शन को कैंसर से पीड़ित अपनी बहन को समर्पित किया। उन्होंने ब्रॉडकास्टर के लिए चेतेश्वर पुजारा से बात करते हुए अपनी भावनाओं को नियंत्रित करते हुए कहा, ‘हर बार जब मैं गेंद हाथों में लेता तो अपनी बहन का ख्याल और तस्वीर मेरे दिमाग में आ जाती। मैंने इसके बारे में किसी से बात नहीं की, लेकिन दो महीने पहले उसे कैंसर का पता चला। यह प्रदर्शन उसे समर्पित है। मैं उसे बताना चाहता हूं कि बहन, हम सब तुम्हारे साथ हैं।’ आकाश ने इस बात पर खुशी जताई कि उन्होंने जो रणनीति बनाईं, वह कारगर रहीं। वह हालांकि लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेलने के बारे में नहीं सोचना चाहते जहां अगला टेस्ट खेला जाएगा क्योंकि वह अभी अपने मैच विनिंग परफॉर्मेंस का आनंद लेना चाहते हैं।
दिग्गज होल्डिंग की बराबरी
आकाश दीप ने एजबेस्टन टेस्ट के पांचवें दिन भारतीय जीत के दौरान महान कैरेबियाई गेंदबाज माइकल होल्डिंग के एक ऐतिहासिक कीर्तिमान की भी बराबरी कर ली। दरअसल, उन्होंने इंग्लैंड की दूसरी पारी में उसके बैटिंग ऑर्डर के टॉप-5 में से चार बल्लेबाजों को बिना किसी फील्डर की मदद के आउट किया। यानी इसमें कैच की कोई भूमिका नहीं थी। इनमें से तीन बल्लेबाजों को उन्होंने क्लीन बोल्ड जबकि एक को एलबीडब्ल्यू आउट किया। ऐसा करिश्मा पिछले करीब पांच दशक में नहीं हुआ था। यह कारनामा इससे पूर्व सिर्फ माइकल होल्डिंग ने साल 1976 में किया था।
