January 22, 2026

पीएम आवास में ‘पत्रकार कोटा’? आधा दर्जन लोग गंवा बैठे खून-पसीने की कमाई के 13 लाख रुपए

gwaliyar

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में मंगलवार को पीएम आवास दिलाने को लेकर एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया, जहां एक ठग ने खुद पत्रकार बताकर आधा दर्जन लोगों से 13 लाख रुपए लेकर फरार हो गया. भोले-भाले लोगों को आरोपी ने ‘पत्रकार कोटे’ से पीएम आवास दिलाने की बात कहकर फंसाया और उनके पैसे लेकर भाग गया.

‘पत्रकार कोटे’ से पीएम आवास दिलाने का दावा कर आरोपी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उन्हें घर मिल जाएंगे. उसका फेक आईडी कार्ड देख उनका भरोसा पक्का हो गया. आरोपी ने इसी अंदाज में आधा दर्जन लोगों का भरोसा जीता और 13 लाख रुपए की ठगी को अंजाम दिया.

फ्लैट नहीं मिला तो पीड़ितों को फर्जीवाड़े का पता चला
रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ितों को पीएम आवास के नाम पर 13 लाख रुपए का चूना लगाने वाले फर्जी पत्रकार की पहचान युनस के रूप में हुई है. लोगों को जब पैसे देने के बाद फ्लैट नहीं मिला तो उन्हें अपने साथ हुए फर्जीवाड़े का पता चला. फरियादी मामले की शिकायत लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे और अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत की.

ASP ने धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई के दिए निर्देश
ग्वालियर एसपी कार्यालय में जनसुनवाई में पहुंचे चावड़ी बाजार में परचून की दुकान चलाने वाले पीड़ित मोहम्मद साहिद मंसूरी ने बताया कि उसकी दुकान पर आरोपी युनूस खान रोजाना आता था. खुद को पत्रकार बताते हुए आरोपी ने पीएम आवास में ‘पत्रकार कोटे’ से मकान दिलाने का झांसा दिया और उससे पैसा लेकर फरार हो गया.

दिलचस्प यह है कि फर्जी पत्रकार युनूस खान ने पीड़ित मोहम्मद साहिद मंसूरी का भरोसा जीतने के लिए ग्वालियर खुशबू समाचार पत्र की मानसेवी पत्रकार कीआईडी बनाकर उसे भी पत्रकार बनवा दिया और नगर निगम दफ्तर में ले जाकर उसे अफसरों से मिलाता रहा.

प्रेस कोटे वाले आवास छह माह के अंदर ट्रांसफर करने का झांसा दिया
पीड़ित के मुताबिक आरोपी ने मोहम्मद साहित मंसूरी को बताया कि पीएम आवास योजना के अर्न्तगत नगर निगम महलगांव में आवास बन रहा है और पत्रकार होने के कारण उसे प्रेस कोटे से कई आवास मिलेंगे. उसने आगे कहा कि प्रेस कोटे से मिलने वाले आवास को छह माह के अंदर वह पीड़ित के नाम ट्रांसफर कर देगा, जिससे उसे भरोसा हो गया.

आधा दर्जन ग्रामीणों से 13 लाख से अधिक रकम लेकर फरार हुआ युनूस
गौरतलब है आरोपी युनूस ने ठीक इसी तरह आधा दर्जन लोगों को ठगी का शिकार बनाया और उनसे लिए 13 लाख से अधिक की मोटी रकम लेकर गायब हो गया. 10 महीने गुजरने के बाद एक दिन जब आरोपी युनूस अपने घर मिला, तो पीड़ितों ने उससे अपने पैसे मांगे, उसके बाद से वह फरार है, जिसके बाद लोगों को ठगे जाने का एहसास हुआ.

एक पीड़ित ने बताया कि पत्रकार कोटे से पीएम आवास दिलाने के बदले में उसने 9 लाख रुपए मांगे. दो लाख 60 हजार रुपए एडवांस और शेष पैसे आवास प्रमाण पत्र मिलने के बाद देने को कहा. पीड़ित उसकी बातों में आ गया और आरोपी को एडवांस के दो लाख 60 हजार रुपए दे दिए.

फरियादियों की शिकायत पर ASP गजेंद्र वर्धमान ने कार्रवाई के निर्देश दिए
अपने खून-पसीने की कमाई खोने से दुखी लोग शिकायत लेकर थाने पहुंचे, तो फरियादियों की शिकायत पर ASP गजेंद्र वर्धमान ने कोतवाली और जनकगंज थाना प्रभारियों को आरोपी यूनुस खान के खिलाफ के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. ASP वर्धमान नेआश्वासन दिया है कि आरोपी के खिलाफ जल्द ही ठोस कार्यवाई की जाएगी.

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