January 29, 2026

गुजरात : मनरेगा में 71 करोड़ का घोटाला! मंत्री बच्चूभाई का दूसरा बेटा भी गिरफ्तार, कुल 11 लोग पकड़े गए

GUJRAT MANREGA

दाहोद। गुजरात के दाहोद मनरेगा घोटाले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस ने गुजरात के मंत्री बच्चूभाई खाबड़ के दूसरे पुत्र को भी गिरफ्तार कर लिया है। मंत्री पुत्र किरण खाबड़ समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में धानपुर के टीडीओ और दो एपीओ को भी गिरफ्तार किया गया है।

बता दें कि मनरेगा योजना में 71 करोड़ के घोटाले की फरियाद हुई थी। मंत्री के दोनों पुत्रों के नाम दो एजेंसी थी। 2 दिन पहले ही इस मामले में मंत्री के बड़े पुत्र बलवंत खाबड़ को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

बड़ा बेटा बलवंत खाबड़ को पाकले ही हो चूका है गिरफ्तार

पंचायत राज्य मंत्री बाछु खाबड़ के बड़े बेटे बलवंत खाबड़ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मनरेगा में हुए 71 करोड़ रुपये के घोटाले के सिलसिले में हुई है। बलवंत खाबड़ को दाहोद जिले में पकड़ा गया। वह कई हफ़्तों से पुलिस से बच रहे थे। पुलिस का कहना है कि बलवंत का संबंध श्री राज कंस्ट्रक्शन कंपनी से है। इस कंपनी को बिना टेंडर के ही मनरेगा प्रोजेक्ट के लिए पैसे मिले थे।

पुलिस के अनुसार, श्री राज कंस्ट्रक्शन कंपनी को नियमों का पालन किए बिना ही भुगतान किया गया। दाहोद के जिला ग्रामीण विकास प्राधिकरण (DRDA) ने अप्रैल में इस घोटाले का पता लगाया था। जांच में पता चला कि 32 कंपनियों ने देवगढ़ बारिया और धानपुर तालुका में सामग्री सप्लाई की थी। इनमें से किसी भी कंपनी ने सबसे कम बोली नहीं लगाई थी, जो कि नियमों के खिलाफ है। डीआरटीए की जांच में यह भी पता चला कि कई प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं हुए या फिर उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया, लेकिन उनके लिए भुगतान कर दिया गया।

बेटे की गिरफ्तारी पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी
मंत्री बाछु खाबड़ ओबीसी समुदाय के बड़े नेता हैं और चार बार MLA रह चुके हैं। उन्होंने अपने बेटे की गिरफ्तारी पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बलवंत और किरण ने दाहोद कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया। बलवंत और इस मामले में शामिल एक और आरोपी, तालुका विकास अधिकारी दर्शित पटेल को दाहोद कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। दर्शित पटेल पहले देवगढ़ बारिया में तैनात थे, जिसका नाम जांच में सामने आया है।

क्या है मनरेगा योजना?
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) भारत सरकार की ओर से 7 सितंबर, 2005 को लागू किया गया एक कानून है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार को, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं, एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का गारंटीड मजदूरी रोजगार प्रदान करना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना, टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण करना और महिलाओं, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों का सामाजिक समावेशन सुनिश्चित करना है। मनरेगा मुख्य रूप से ग्राम पंचायतों की ओर से लागू किया जाता है और ठेकेदारों की भागीदारी प्रतिबंधित है।

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