CG : सैकड़ों सरकारी स्कूलों के अस्तित्व पर मंडराया खतरा, जानें, स्कूल विहीन शिक्षकों का क्या होगा?
राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक ही परिसर में संचालित गवर्नमेंट स्कूल या 10 से कम पंजीकृत स्टूडेंट्स संख्या वाले स्कूलों को आसपास के स्कूलों में मर्ज किया जाएगा. शासन से आदेश के बाद जिला शिक्षा विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसमें जिले में 330 सरकारी स्कूलों के मर्ज होने की संभावना है.
शिक्षा विभाग में ऐसे सरकारी स्कूलों के मर्जिंग की प्रक्रिया शुरू की है, जहां स्टूडेंट्स की संख्या 10 से कम है. राजनांदगांव के 330 स्कूलों के मर्ज होने की संभावना है. सरकारी स्कूलों के मर्ज होने से स्कूल विहीन शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में भेजा जाएगा, जहां शिक्षकों की कमी है.
राजनांदगांव जिले में 330 सरकारी स्कूलों की शुरू की गई मर्जिंग प्र्क्रिया
गौरतलब है राजनांदगांव जिले में 330 सरकारी स्कूलों की मर्जिंग प्र्क्रिया शुरू कर दी गई है. माना जा रहा है कि शिक्षा विभाग में प्रक्रिया शुरू होने के बाद सामूहिक रूप से समायोजित होने वाले स्कूलों का सही आंकड़ा सामने आ पाएगा. इसके बाद अन्य परिस्थितियों पर भी चर्चा की जाएगी.
स्कूल विहीन हुए शिक्षकों को एक शिक्षक स्कूलों में तैनात करेगी विभाग
रिपोर्ट के मुताबिक स्कूलों के समायोजन से स्कूल विहीन हुए शिक्षकों को ऐसे स्कूलों मेंं मर्ज किया जाएगा, जो स्कूल शिक्षक विहीन में भेजा जाएगा या फिर एक शिक्षक वाले स्कूलों में तैनात किया जाएगा. विभाग का मानना है कि इससे स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था और पढ़ाई स्तर में सुधार होगा.
राजनंदगांव जिले में 330 सरकारी स्कूलों की मर्जिंग प्र्क्रिया शुरू हो गई है. माना जा रहा है कि जिला शिक्षा विभाग में प्रक्रिया शुरू होने के बाद सामूहिक रूप से समायोजित होने वाले स्कूलों का सही आंकड़ा सामने आ पाएगा. इसके बाद अन्य परिस्थितियों पर भी चर्चा की जाएगी.
विभिन्न राज्यों में पहले ही शुरू हो चुकी है स्कूलों के मर्जिंग की प्रक्रिया
उल्लेखनीय है देश के अन्य कुछ राज्यों में यह प्रक्रिया पहले की जा चुकी है. पिछले साल मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी यह प्रक्रिया की अमल में लाई गई थी. यह प्रक्रिया पिछले साल छत्तीसगढ़ में भी अमल में लाने की तैयारी की गई थी, लेकिन पंचायत चुनाव और फिर बोर्ड परीक्षा के कारण प्रक्रिया टल गई थी, लेकिन अब तैयारी फिर से शुरू की गई है।
