January 22, 2026

जज के घर कैश मामले में बड़ा अपडेट, जस्टिस वर्मा के स्टाफ ने गायब किए पैसे, जांच में उठ रही उंगलियां

J VERMA

नईदिल्ली। 14 मार्च की रात को नई दिल्ली के तुगलक क्रेसेंट इलाके में स्थित जज यशवंत वर्मा के सरकारी बंगले में भारी मात्रा में नकदी मिली थी। लेकिन, ये नकदी अब गायब हो चुकी है। इस मामले ने सबको हैरान कर दिया है, क्योंकि इतनी बड़ी रकम का अचानक गायब होना कोई छोटी बात नहीं। इस रहस्य को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने एक हाई-लेवल ज्यूडिशियल कमेटी बनाई।

जांच कमेटी ने क्या किया?
इस कमेटी में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, हिमाचल प्रदेश के चीफ जस्टिस जी.एस. संधवालिया और कर्नाटक हाई कोर्ट की जस्टिस अनु शिवरामन शामिल थे। कमेटी ने इस मामले की गहराई से जांच की और कई लोगों से पूछताछ की। इसमें जज वर्मा के निजी सचिव और स्टाफ, उनके आवास पर तैनात सुरक्षा कर्मी और आग लगने की घटना के दौरान मौजूद फायर ब्रिगेड और पुलिस कर्मी शामिल थे।

आग की घटना का कनेक्शन?
इस मामले में एक और मोड़ आया है। जज के बंगले में आग लगने की घटना भी हुई थी। कमेटी ने इस घटना की भी जांच की, क्योंकि शक है कि नकदी के गायब होने का इससे कोई कनेक्शन हो सकता है। लेकिन आग लगने और नकदी गायब होने के बीच का रहस्य अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है।

स्टाफ पर क्यों शक?
जांच के बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सीजेआई संजीव खन्ना को सौंपी, जिसमें जज के निजी स्टाफ पर नकदी गायब करने का शक जताया गया है। हालांकि, अभी ये साफ नहीं है कि स्टाफ ने ऐसा क्यों और कैसे किया। क्या ये कोई सुनियोजित साजिश थी या फिर कोई और राज छिपा है? इस सवाल का अभी तक जवाब नहीं मिल पाया है।

इस मामले ने ना सिर्फ दिल्ली की न्यायिक हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस जांच का अगला कदम क्या होगा।

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