January 22, 2026

भारतीय सेना के ऑपरेशन पर लाइव कवरेज बैन! सरकार ने मीडिया चैनलों के लिए नई एडवाइजरी जारी की

MEDIA
नई दिल्ली। पहलगाम हमले को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के मद्देनजर केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी मीडिया चैनलों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों का सीधा प्रसारण न करें। मंत्रालय ने कहा है, 'राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में, रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों का सीधा प्रसारण न करें।'

पुलवामा हमले के बाद भारतीय सेना बेहद आक्रामक नजर आ रही है. भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है ऐसै में भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी मीडिया चैनलों, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है. इसमें रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों के लाइव कवरेज से परहेज करने की सख्त सलाह दी गई है. मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में यह कदम उठाया है ताकि संवेदनशील जानकारी के असमय प्रसारण से देश की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े.

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मीडिया प्लेटफॉर्म, डिजिटल मंच और व्यक्ति, सभी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. कानूनी दायित्वों के अलावा, यह एक नैतिक जिम्मेदारी भी है कि सामूहिक क्रियाएं सुरक्षा बलों या चल रहे अभियानों को किसी भी प्रकार से प्रभावित न करें.

रियल-टाइम कवरेज पर रोक
रक्षा अभियानों या सुरक्षा बलों की गतिविधियों से संबंधित किसी भी दृश्य, जानकारी या “सूत्रों” पर आधारित रिपोर्टिंग को रियल-टाइम में प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए. समय से पहले संवेदनशील जानकारी के खुलासे से शत्रुतापूर्ण तत्वों को मदद मिल सकती है और अभियानों की प्रभावशीलता तथा बलों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है.

पूर्व घटनाओं से सीख
कारगिल युद्ध, 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले और कंधार अपहरण जैसी घटनाओं के दौरान अनियंत्रित कवरेज के कारण राष्ट्रीय हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था. इसी अनुभव के आधार पर मंत्रालय ने सावधानी बरतने का निर्देश दिया है.

कानूनी दिशा-निर्देश
मंत्रालय ने पहले भी केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के नियम 6(1)(p) के तहत सभी टीवी चैनलों को सलाह दी थी कि वे किसी भी आतंकवाद विरोधी अभियान या सुरक्षा बलों की गतिविधियों का लाइव प्रसारण न करें. इस प्रकार की रिपोर्टिंग को सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी के समय-समय पर दिए जाने वाले ब्रीफिंग तक सीमित किया जाए.

उच्च मानकों का पालन
सभी स्टेकहोल्डर्स से आग्रह किया गया है कि वे समाचार कवरेज के दौरान सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी बनाए रखें और राष्ट्र सेवा में उच्चतम मानकों का पालन करें.

यह एडवाइजरी न केवल मीडिया के लिए एक कानूनी निर्देश है, बल्कि हर भारतीय के लिए एक नैतिक जिम्मेदारी की भी याद दिलाती है कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है. मीडिया की भूमिका सूचनाओं के प्रसारण में महत्वपूर्ण है, लेकिन यह जिम्मेदारी के साथ निभाई जानी चाहिए ताकि राष्ट्र की रक्षा के प्रयासों को कोई क्षति न पहुंचे.

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