February 3, 2026

रोड सेफ्टी को स्कूल एजुकेशन सिस्टम में शामिल करने का प्लान, गडकरी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संग की बैठक

ROAD

नई दिल्ली। देश में स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों के पास होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से बुधवार को केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री गडकरी ने की। बैठक में शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से सड़क सुरक्षा अभियान को देशभर के स्कूलों में भी चलाने की बात हुई। ताकि स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के पास कम से कम मानवीय गलती की वजह से रोड एक्सीडेंट ना होने पाए।

ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने क्या बताया
ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री की तरफ से बताया गया कि बैठक में रोड सेफ्टी को स्कूल एजुकेशन सिस्टम में इंटीग्रेट करने की बात हुई। देश के तमाम स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में रोड सेफ्टी के प्रति छात्रों को जागरूक किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि 2023 में ही स्कूल और शिक्षण संस्थानों के आसपास हुई सड़क दुर्घटनाओं में 11 हजार से अधिक मौतें हुईं। इनमें 18 साल से कम उम्र वाले 10 हजार से अधिक बच्चे शामिल थे। यह चिंताजनक आंकड़ा कहता है कि इस मामले में तत्काल एक्शन लिया जाना चाहिए। ताकि इस तरह से होने वाले रोड एक्सीडेंटों को रोका जा सके।

‘सड़क सुरक्षा अभियान’ देशभर के स्कूलों में चलाने की तैयारी
ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय के सक्रिय समर्थन से हम ‘सड़क सुरक्षा अभियान’ को भारत भर के स्कूलों में विस्तारित करने के लिए तैयार हैं। जिसका लक्ष्य हमारी भावी पीढ़ियों को सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाना है। यह राष्ट्रीय महत्व का विषय है। बैठक में सुरक्षित स्कूल क्षेत्र (सेफ स्कूल जोन) स्थापित करने, स्कूल समय के दौरान बच्चों के प्रवेश और निकास के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू करने और स्कूल बसों व वैन में सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने की तत्काल आवश्यकताओं पर जोर दिया गया।

केवल बैठक तक ही सीमित ना रहें रोड सेफ्टी
जिस तरह से 2023 में देश में स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के पास हुए रोड एक्सीडेंट में 10 हजार से अधिक बच्चों की मौत हुई। ऐसे में दोनों मंत्रियों और मंत्रालय के बीच यह बैठक बेहद जरूरी थी। लेकिन इस बैठक में लिए गए निर्णय केवल बैठक तक ही सीमित ना रहें। इन्हें जहां छात्रों के लिए रोड सेफ्टी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बड़े स्तर पर काम करना होगा, वहीं जिन-जिन स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों के आसपास रोड डिजाइनिंग में डिफेक्ट है या फिर जरूरी स्पीड ब्रेकर और अन्य नियम ताक पर रखे जा रहे हैं। उन्हें भी तत्काल सही करने की जरूरत है। ताकि बच्चों की इन जिंदगियों को बचाया जा सके।

error: Content is protected !!