January 22, 2026

बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे के लिए सरकार पूरी ताकत और समर्पण से कर रही काम : सीएम विष्णुदेव साय

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बस्तर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार अगले साल 31 मार्च तक नक्सलवाद को खत्म करने के लिए पूरी ताकत और समर्पण के साथ काम कर रही है. बस्तर संभाग में विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए साय ने कहा कि यह क्षेत्र अब पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं रह गया है. यह नए भारत की संभावनाओं का प्रवेश द्वार बन रहा है.

जगदलपुर में सीएम ने ली मीटिंग: बैठक जगदलपुर शहर में बस्तर जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई थी. सात जिलों वाले बस्तर संभाग में बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले शामिल हैं. सीएम ने कहा कि बस्तर के विकास की यात्रा अब गति की मांग करती है, न कि ठहराव की. सीएम ने कहा कि सरकार का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे और प्रत्येक लाभार्थी की शासन तक पहुंच हो.

साय ने कहा, “बस्तर अब पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि नए भारत की संभावनाओं का द्वार बन रहा है. हमारा लक्ष्य यहां के हर गांव और हर परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है.”

“योजनाएं लोगों तक पहुंचाए”: सीएम साय ने आयुष्मान भारत और आधार जैसे कार्यक्रमों, आवास और विद्युतीकरण से संबंधित कार्यक्रमों को सिर्फ सरकारी परियोजनाएं नहीं, बल्कि आम आदमी के लिए सम्मान और सुरक्षा की गारंटी बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नक्सलवाद के समूल नाश के लिए पूरी ताकत और समर्पण के साथ काम कर रही है.

सीएम साय ने सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और रणनीति की सराहना करते हुए कहा, “केंद्र के सहयोग से छत्तीसगढ़ में इस खतरे को खत्म करने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और हमारा संकल्प है कि 31 मार्च, 2026 तक इस लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा.”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने भी बार-बार कहा है कि अगले मार्च तक नक्सलवाद का सफाया कर दिया जाएगा. सुरक्षा बलों ने कोंडागांव और नारायणपुर जिलों की सीमा पर दो कट्टर नक्सलियों को मार गिराया, जिससे इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में मारे गए माओवादियों की संख्या 140 हो गई है, जिसमें बस्तर में 123 नक्सली ढेर हुए हैं.- विष्णुदेव साय, सीएम, छत्तीसगढ़

“बस्तर में उद्योगों को देंगे बढ़ावा”: साय ने बस्तर क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना पर ध्यान देने की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है और जगदलपुर से नियमित उड़ानें शुरू करने की दिशा में काम चल रहा है. मोबाइल नेटवर्क में समस्या के कारण आधार, राशन और बैंकिंग जैसी सेवाएं अक्सर बाधित होती हैं. उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टावर और संचार उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए.

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र के 95.89 प्रतिशत घरों तक बिजली पहुंच चुकी है. कांकेर जिले में सौ प्रतिशत विद्युतीकरण हासिल किया गया है, जबकि बस्तर और कोंडागांव जिलों में यह आंकड़ा 99 प्रतिशत को पार कर गया है. बाकी जिलों में दिसंबर 2025 तक विद्युतीकरण का काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, जिनके पास गृह विभाग भी है, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

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