अरविंद केजरीवाल को प्रवेश वर्मा ने नहीं, संदीप दीक्षित ने हरा दिया, जानें नई दिल्ली की ‘बदला’ पॉलिटिक्स
नई दिल्ली। दिल्ली की नई दिल्ली विधानसभा सीट से अरविंद केजरीवाल चुनाव हार गए। बीजेपी के प्रवेश वर्मा ने उन्हें हराया। केजरीवाल ने 2013 में इसी सीट से शीला दीक्षित को हराकर पहली बार जीत हासिल की थी। 2020 तक उनका जीत का सिलसिला जारी रहा। दस साल बाद उन्हें इसी सीट पर हार का सामना करना पड़ा। सियासी पंडितों की माने तो केजरीवाल बीजेपी से नहीं, बल्कि कांग्रेस से हार गए हैं।
संदीप ने लिए मां की हार का बदला
दरअसल, नई दिल्ली सीट से शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। लेकिन वे भी हार गए। कहा जा रहा है कि भले ही संदीप दीक्षित चुनाव हार गए, लेकिन उन्होंने अपनी मां की हार का बदला केजरीवाल को हराकर ले लिया। अब सवाल उठ रहा है कि उन्होनें केजरीवाल से बदला कैसे लिया, वो हम आपको बताते हैं।
केजरीवाल चार हजार वोट से चुनाव हारे
चुनाव आयोग के अनुसार, अरविंद केजरीवाल 4089 वोटों से चुनाव हारे हैं। वहीं संदीप दीक्षित को 4541 वोट मिले हैं। अगर दिल्ली में आप और कांग्रेस एक साथ चुनाव लड़ती तो केजरीवाल चुनाव जीत जाते। यानी केजरीवाल की जीत सबसे अधिक रोड़ा संदीप दीक्षित रहे, जिसका फायदा बीजेपी को मिला।
किसको कितने मिले वोट
चुनाव आयोग के अनुसार, नई दिल्ली विधानसभा सीट पर बीजेपी के प्रवेश वर्मा को 30088 वोट मिले। वहीं आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल को 25999 मत प्राप्त हुए। कांग्रेस कैंडिडेट संदीप दीक्षित को 4568 वोट मिले। इस तरह प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल को 4089 वोट से हराकर विधानसभा से बाहर कर दिया। दूसरी ओर संदीप दीक्षित चुनाव हारकर भी केजरीवाल से ‘बदला’ ले लिया।
हार के कई कारण हो सकते हैं
हालांकि सियासी पंडितों का मानना है कि केजरीवाल की हार कई कारणों से हुई हो सकती है। नई दिल्ली में बीजेपी के प्रवेश वर्मा ने जोरदार प्रचार किया। स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर के आगे बढ़ते रहे। यही कारण था कि वे जनता का समर्थन जुटाने में कामयाब रहे। वहीं, संदीप दीक्षित की मौजूदगी से केजरीवाल के वोट बांट गए, जिससे आम आदमी पार्टी को नुकसान हुआ।
