January 22, 2026

मुंबई इन्वेस्टर कनेक्ट मीट : छत्तीसगढ़ में होगा 6,000 करोड़ रुपये का निवेश, आईटी-हेल्थ सहित इन क्षेत्रों में मिलेगा रोजगार

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मुंबई। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में विदेशी निवेश के लिए नए दरवाजे खोले हैं। उन्होंने मुंबई में इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में अमेरिकी महावाणिज्यदूत माइक हैंकी और रूस के महावाणिज्यदूत इवान वाई फेटिसोव के साथ चर्चा की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के अंदर स्वास्थ्य, शिक्षा, आईटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर बात हुई। चर्चा के बाद राज्य में 6000 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। मुंबई में निवेश मीट के दूसरे चरण में प्लास्टिक, कपड़ा, आईटी और फूड प्रोसेसिंग कंपनियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश करने का फैसला किया है। सबसे ज्यादा 2,367 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव एक सीमेंट कंपनी ने रखा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के लागू होने के बाद से छत्तीसगढ़ को रायपुर, दिल्ली और मुंबई में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश मिला है।

छत्तीसगढ़ में निवेश करना चाहते हैं उद्योगपति
देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ राज्य में निवेश के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की। विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों ने राज्य में व्यवसाय शुरू करने में गहरी रुचि दिखाई। राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024-30 पर प्रकाश डालते हुए सीएम साय ने कहा कि निवेशकों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने “न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन” का आदर्श वाक्य अपनाया है। इसके तहत, अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है और अब सिंगल विंडो से मंजूरी मिल जाती है। इससे निवेशकों को काफी राहत मिली है।

रोजगार बढ़ाने के लिए बेस्पोक पॉलिसी
सीएम साय ने कहा कि निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए बेस्पोक पॉलिसी शुरू की गई है। जिस कंपनी में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है या 1,000 लोगों को रोजगार दिया गया है। वह कंपनी बेस्पोक पाॉलिसी का लाभ ले सकती है। इस नीति के तहत कंपनी 30% से 50% तक का स्थायी पूंजी निवेश कर सकती है। निवेश की राशि 200 करोड़ रुपये से 450 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। इसके साथ ही जीएसटी में छूट और कई अन्य लाभ भी मिलते हैं।

नवा रायपुर में डेटा सेंटर का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते उद्योगों में निवेश किया जा सकता है। उन्होंने नवा रायपुर में एक नए डेटा सेंटर के शुभारंभ की भी घोषणा की। इससे नवा रायपुर को आईटी हब बनाने में मदद मिलेगी। कई आईटी कंपनियों ने पहले ही इस क्षेत्र में काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, फूड और कृषि प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में विशेष रियायतें दी गई हैं। इस दिशा में एक बड़ा कदम नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल पार्क की स्थापना है, जो मध्य भारत का सबसे बड़ा फार्मास्युटिकल पार्क बनने वाला है।

बस्तर और सरगुजा में निवेश पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास नियानार गांव में 118 एकड़ में एक नया औद्योगिक क्षेत्र बनाया जाएगा। यह नया औद्योगिक केंद्र बड़े पैमाने पर लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों के विकास के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा करेगा। बस्तर और सरगुजा को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में नामित किया गया है। इन क्षेत्रों में विकास को प्रोत्साहित करने के लिए कोर सेक्टरों में प्रोत्साहन के साथ-साथ लोहे और कोयले की रॉयल्टी पर 50% से 100% तक की छूट दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, 150% तक टैक्स की प्रतिपूर्ति का भी प्रावधान है।

बैठक में उद्योग विभाग के मंत्री लखन लाल देवांगन, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की निवेश आयुक्त रितु सैन और सीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

किस क्षेत्र में कितना निवेश?
प्लास्टिक और टेक्सटाइल के क्षेत्र में 500 करोड़ रुपए का निवेश
पालतू पशुओं के भोजन का उत्पादन बढ़ाने के लिए राजनांदगांव में 625 करोड़ रुपए का निवेश
ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 30 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगाया जाएगा
आईटी क्षेत्र में 600 करोड़ रुपए का निवेश
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में 700 करोड़ रुपए का निवेश

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