रायपुर में DGP-IG कांफ्रेंस : साइबर क्राइम और नक्सलवाद पर बनेगा एक्शन प्लान, मोदी–शाह करेंगे मंथन, 3 दिनों में 8 बड़े सत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ पहली बार देश की सबसे बड़ी सुरक्षा कॉन्फ्रेंस की मेजबानी कर रहा है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) रायपुर परिसर में शुक्रवार 28 नवंबर से आयोजित होने जा रही तीन दिवसीय 60वीं अखिल भारतीय डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस (DGP-IG Conference) के लिए देशभर के डीजीपी, IG, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी रायपुर पहुंच चुके हैं।
इस हाई-लेवल सुरक्षा बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, NSA अजीत डोभाल सहित 600 से अधिक शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। नवा रायपुर में सभी वीवीआईपी के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस कॉन्फ्रेंस में आतंकवाद, नक्सलवाद, साइबर अपराध और सीमा प्रबंधन पर राष्ट्रीय रणनीति तैयार की जाएगी।
नवा रायपुर में तीन दिवसीय DGP–IG कॉन्फ्रेंस
नवा रायपुर में आज से तीन दिन तक चलने वाली 60वीं अखिल भारतीय DGP–IG कॉन्फ्रेंस का आगाज हो रहा है। IIM रायपुर परिसर में तैयार किए गए साउंड-प्रूफ अत्याधुनिक हॉल में यह देश की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा बैठक आयोजित हो रही है। जानकारी के अनुसार बैठक ढाई बजे से शुरू होगी।
गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार देर रात 11 बजे रायपुर पहुंचे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात रायपुर पहुंचेंगे। NSA अजीत डोभाल पहले से रायपुर में मौजूद हैं। सुरक्षा तैयारियों के बीच अस्थायी PMO और HMO तैयार किए गए हैं।
तीन दिन मंथन, बनेगी नई सुरक्षा रणनीति
इस बड़े सम्मेलन में PM मोदी, गृह मंत्री शाह और NSA डोभाल की उपस्थिति इसे हाई-प्रोफाइल बनाती है। इसमें आतंकवाद, नक्सलवाद और साइबर क्राइम पर राष्ट्रीय रणनीति तैयार की जाएगी। पहले दिन 2 सत्र, दूसरे दिन 4, और तीसरे दिन 2 सत्र रखे गए हैं। हर राज्य अपने मॉडल प्रस्तुत करेगा और सर्वश्रेष्ठ मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जा सकता है।
आतंकवाद से AI तक हर मुद्दे पर होगी चर्चा
इस हाई-प्रोफाइल DG–IG कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा चुनौतियों पर गहन ‘सुरक्षा मंथन’ करना है। नवा रायपुर में मौजूद शीर्ष सुरक्षा अधिकारी आतंकवाद, नक्सलवाद, साइबर क्राइम, ड्रग्स नेटवर्क और सीमा सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर संयुक्त रणनीति तैयार करेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक फॉरेंसिक तकनीक और नए इंटेलिजेंस मॉडल पर विशेष चर्चा होगी, ताकि बदलते वैश्विक और घरेलू खतरों का प्रभावी मुकाबला किया जा सके। इस मंथन से निकली सीख और फैसले आने वाले वर्षों में देश की सुरक्षा नीतियों की दिशा तय करेंगे।
IIM परिसर में बना साउंड-प्रूफ मीटिंग हॉल
IIM रायपुर के खेल मैदान में विशेष रूप से एक साउंड-प्रूफ स्ट्रक्चर बनाया गया है, जिसकी सुरक्षा NSG के हाथ में है। इसमें केवल वही अधिकारी प्रवेश कर सकेंगे जिनके नाम विशेष सूची में शामिल हैं। हर अधिकारी को सुबह 6 बजे योगा सेशन में शामिल होना अनिवार्य है।
PM मोदी बच्चों से भी करेंगे मुलाकात
आज 28 से 30 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। पीएम आज रात तक रायपुर पहुंचेंगे और दो दिन (29-30 नवंबर) रायपुर में रहेंगे। रविवार 30 नवंबर को प्रधानमंत्री 9वीं से 12वीं कक्षा के 25–30 बच्चों से भी मुलाकात करेंगे। वहीं पीएम का रोड शो रद्द कर दिया गया है। केवल राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से ही मुलाकात करेंगे। वे जांबाज पुलिस अधिकारियों को भी सम्मानित करेंगे।
DGP–IG कॉन्फ्रेंस में सुरक्षा पर होगा महामंथन
इस बार कॉन्फ्रेंस में रिकॉर्ड 250 से अधिक डीजीपी, एडीजीपी और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त युवा AC और IG को भी पहली बार इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है ताकि वे राष्ट्रीय रणनीति निर्माण की प्रक्रिया को समझ सकें।
सम्मेलन में कुछ विदेशी अधिकारियों को भी विशेष प्रशिक्षण और अनुभव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया है। वे अपने-अपने देशों की पुलिसिंग और सुरक्षा मॉडलों पर महत्वपूर्ण प्रस्तुतियाँ देंगे। शुक्रवार को कार्यक्रम की शुरुआत आईबी के उन चयनित अधिकारियों के सम्मान से होगी, जिन्होंने अपने महत्वपूर्ण इनपुट से देश में कई बड़ी घटनाओं को समय रहते रोकने में अहम भूमिका निभाई है।
बता दें कि पहली बार छत्तीसगढ़ को इस प्रतिष्ठित सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है। इस दौरान नक्सलवाद के खिलाफ एक प्रभावी रणनीति मॉडल तैयार किए जाने की उम्मीद है। साल 2014 में स्वरूप में किए गए बदलाव के बाद से यह सम्मेलन अब तक नौ अलग-अलग स्थानों पर आयोजित हो चुका है।
देश की सुरक्षा रणनीति का केंद्र बनेगा छत्तीसगढ़
इंटेलिजेंस ब्यूरो ने इस महत्वपूर्ण मीटिंग के लिए सुरक्षा कारणों से छत्तीसगढ़ को चुना है। कॉन्फ्रेंस में सभी राज्य अपने-अपने सुरक्षा मुद्दे रखेंगे और 3 दिनों तक राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति पर चर्चा होगी।
कॉन्फ्रेंस की तैयारियों का नेतृत्व अब खुफिया ब्यूरो (IB) के हाथों में है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की टीम ने भी कार्यक्रम स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया है।
