January 28, 2026

Share Market : अमेरिका से आई खुशखबरी और झूम उठा शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी ने बनाया रिकॉर्ड

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Share Market Up Today: अमेरिका से आई खुशखबरी का असर आज शेयर बाजार पर दिखना शुरू हो गया है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.50 फीसदी की कटौती कर दी है और जैसी उम्मीद है वैसा ही हुआ..अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर घटाने का भारतीय शेयर बाजार पर पॉजिटिव असर देखने को मिला है. आज गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में अच्छी-खासी तेजी देखने को मिली है. यूएस फेड ने बुधवार रात 4 साल में पहली बार ब्याज दर में कटौती की. आगे भी फेड द्वारा रेट कट करने की उम्मीद है. फेड रेट में कटौती से कर्ज सस्ता हो जाता है. इससे भारत जैसे उभरते बाजारों में अच्छा-खासा निवेश देखने को मिलेगा.

यूएस फेड के फैसले का तुरंत असर भारत के बाजार पर देखा जा रहा है और सेंसेक्स-निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई पर खुले हैं. गुरुवार के दिन बीएसई सेंसेक्स की शुरुआत 410.95 अंकों की तेजी के साथ 83,359.17 के लेवल पर हुई है और एनएसई का निफ्टी 109.50 अंक की बढ़त के साथ 25,487.05 पर हुई है.

600 अंक उछला सेंसेक्स
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स आज 600 अंक की बढ़त लेकर 83,563 पर कारोबार कर रहा है. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान पर ट्रेड करते दिखाई दिए. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी शुरुआती कारोबार में 173 अंक की बढ़त लेकर 25,551 पर ट्रेड करता दिखाई दिया. शुरुआती कारोबार में निफ्टी के 50 शेयरों में से 48 शेयर हरे निशान पर और 2 शेयर लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे.

निवेशकों पर बरसे 3.3 लाख करोड़
BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 3.09 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया है यानी निवेशकों की दौलत मार्केट खुलते ही 3.09 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई है. एक कारोबारी दिन पहले यानी 18 सितंबर 2024 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप 4,67,72,947.32 करोड़ रुपये था. आज यानी 19 सितंबर 2024 को मार्केट खुलते ही यह 4,70,82,827.84 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी 3,09,880.52 करोड़ रुपये बढ़ गई है.

अमेरिका से आई थी गुड न्यूज
अमेरिका में होने वाली किसी भी फाइनेंशियल हलचल का सीधा असर भारतीय बाजारों पर देखने को मिला है और इस बार भी यही हुआ है. अमेरिका की केंद्रीय बैंक ने महंगाई के काबू में होने की बात कहते हुए करीब चार साल बड़ा बड़ी राहत दी है और पॉलिसी रेट्स में 50 बेसिस पॉइंट यानी 0.50 फीसदी की कटौती की है. इसके बाद अमेरिका में ब्याज दरें कम होकर 4.75 फीसदी से 5 फीसदी के स्तर पर आ गया है. इससे पहले ये लंबे समय से 5.25 फीसदी से 5.5 फीसदी के स्तर के बीच था.

भारत पर असर
फेड रिजर्व ने इस साल ब्याज दरों में कुल 100 आधार अंकों की कटौती का संकेत दिया है. उसका कहना है कि इस साल जीडीपी ग्रोथ 2% रहेगी. महंगाई के लिए जोखिम कम हो गया है. अगर अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है तो फेड कटौती की गति को धीमा कर सकता है. फेड के दरों में कटौती से भारत में भी ब्याज दरों में कटौती हो सकती है. जानकारों का कहना है कि मार्च 2025 से पहले भारत में 25 बीपीएस की कटौती संभव है. अगर अमेरिकी फेड की राह पर चलकर RBI भी ब्याज दरों में कटौती करता है तो लोगों को कर्ज में राहत मिलने की उम्मीद है

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