‘परिवार से दूरी नहीं कर सहन’, नक्सलियों की कमांडर ने किया सरेंडर, 17 साल की उम्र में उठाई थी बंदूक
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मंगलवार को पांच लाख रुपये की इनामी महिला माओवादी ने सुरक्षाबल के जवानों के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाली महिला नक्सली भूमिका उर्फ सोमारी बीजापुर जिले की निवासी है। उसने धमतरी जिले के पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार और अन्य अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया है।
कमांडर थी सोमारी
महिला नक्सली के सरेंडर की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि नक्सली सोमारी नगरी एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य थी। वह माओवादियों के गोबरा लोकल ऑर्गनाइजेशन स्क्वाड (एलओएस) की कमांडर थी।
परिवार से दूरी बनी सरेंडर का कारण
अधिकारियों ने बताया कि सोमारी ने माओवादी विचारधारा से निराश होकर तथा संगठन के भीतर भेदभाव और परिवार से लंबे समय तक अलग रहने से परेशान होकर आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बताया कि सोमारी छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से भी प्रभावित है।
2005 में नक्सली संगठन से जुड़ी थी
अधिकारियों ने बताया कि सोमारी 2005 से प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़ी हुई थी और छत्तीसगढ़ तथा ओडिशा की सीमा से सटे जंगलों में सक्रिय रही। सोमारी की उम्र 37 साल है। जब वह नक्सली संगठन से जुड़ी थी तब उसकी उम्र महज 17 साल थी। उन्होंने बताया कि वह कथित तौर पर कई माओवादी घटनाओं में शामिल थी, जिसमें 2010 में पड़कीपाली (महासमुंद-छत्तीसगढ़), 2014 में मैनपुर के मोतिपानी जंगल, 2016 में नुआपाड़ा (ओडिशा) के कमलावाड़ी जंगल और 2025 में धमतरी के मांदागिरी जंगल में हुई मुठभेड़ शामिल हैं।
कई जगहों पर दर्ज हैं मामले
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सोमारी के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि महिला नक्सली को राज्य की आत्मसमर्पण नीति के अनुसार तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता दी गई है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों ने अपील करते हुए कहा कि बाकि नक्सली भी सरेंडर कर दें और समाज की मुख्यधारा में लौट आएं।
