April 15, 2026

CG : अवैध रेत खनन रोकने गई वन टीम पर जानलेवा हमला, दो कर्मचारी गंभीर घायल, पुलिस ने दर्ज की FIR

mungeli

मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर रेत माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। यह घटना 10 अप्रैल 2026 की रात की है, जब खुड़िया वन परिक्षेत्र के सरगढ़ी परिसर में तैनात वन अमला सूचना मिलने पर जंगल की ओर रवाना हुआ था।टीम में वन रक्षक अभिषेक बर्मन, योगेश बरेठ, देवेन्द्र बघेल सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे। शुरुआती कार्रवाई में टीम ने भुक्खुनाला के पास एक ट्रैक्टर को अवैध रेत के साथ पकड़ा और चालक राजकुमार यादव को हिरासत में लिया। उस समय स्थिति नियंत्रण में लग रही थी और टीम आगे जांच के लिए बढ़ी थी।

जंगल में पहले से बिछा था हमला करने का जाल
वन विभाग की टीम को इस बात का अंदाजा नहीं था कि आगे उनके लिए जाल बिछाया जा चुका है। जैसे ही टीम जंगल के भीतर और ट्रैक्टरों की तलाश में आगे बढ़ी, कुछ वाहन अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। टीम ने एक और ट्रैक्टर पकड़ा और वापस लौटने लगी। इसी दौरान भुक्खुनाला के पास अचानक कई लोग इकट्ठा हो गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पहले बहस शुरू हुई, फिर गाली-गलौज और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। आरोपियों ने वनकर्मियों को चारों ओर से घेर लिया और ट्रैक्टर ले जाने का विरोध करते हुए हमला शुरू कर दिया।

वनकर्मियों को घेरकर की गई बेरहमी से पिटाई
घटना ने कुछ ही मिनटों में हिंसक रूप ले लिया। आरोपियों ने लाठी-डंडों और हाथ-मुक्कों से वनकर्मियों पर ताबड़तोड़ हमला किया। इतना ही नहीं, कुछ समय के लिए टीम को बंधक भी बना लिया गया और जान से मारने की धमकियां दी गईं। इस हमले में वन रक्षक अभिषेक बर्मन के सिर, माथे और सीने पर गंभीर चोटें आईं, जबकि योगेश बरेठ के हाथ, पैर, गर्दन और आंख के पास गहरी चोटें दर्ज की गईं। अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आईं। जंगल के बीच अंधेरे में फंसी टीम के लिए हर पल खतरे से भरा था और स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी।

ग्रामीणों के हस्तक्षेप से बची वन टीम की जान
हमले के दौरान मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर हालात को संभालने की कोशिश की। सरपंच चंदर तिलगाम और नरेश तिलगाम सहित अन्य ग्रामीणों ने हस्तक्षेप करते हुए वनकर्मियों को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। काफी मशक्कत के बाद टीम को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायल कर्मचारियों को तत्काल लोरमी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद अभिषेक बर्मन की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बिलासपुर रेफर किया गया। इस घटना ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में गहरी चिंता पैदा कर दी है।

प्रशासन सख्त, पुलिस ने तेज की आरोपियों की तलाश
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। कलेक्टर कुंदन कुमार और डीएफओ अभिनव कुमार के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना न सिर्फ एक आपराधिक हमला है, बल्कि यह जंगलों में सक्रिय रेत माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस का संकेत भी है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब सरकारी टीम ही सुरक्षित नहीं है, तो अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण कैसे संभव होगा।

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