बस्तर में 1 करोड़ 47 लाख के इनामी 25 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 93 हथियार, 2 करोड़ 90 लाख कैश और 7 किलो सोना बरामद
जगदलपुर। बस्तर के बीजापुर में पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान में 25 नक्सलियों ने सरेंडर किया और मुख्य धारा में वापसी की। सरेंडर करने वालों में 12 महिला नक्सली शामिल थीं। सभी नक्सलियों पर 1.47 करोड़ का इनाम था। नक्सल खात्में के अंतिम दिन नक्सलियों ने हथियार के साथ पुनर्वास किया. जहां कांकेर, दंतेवाड़ा और सुकमा में 9 नक्सलियों ने एक साथ सरेंडर किया.
करोड़ों की बरामदगी
नक्सलियों के पास से 2.90 करोड़ कैश और 7.20 किलो सोना मिला है जिसकी कीमत 11.16 करोड़ रुपये है। LMG, AK-47, SLR, INSAS सहित 93 घातक हथियार जब्त किए गए हैं।
कांकेर में दो नक्सलियों ने डाले हथियार
आज सबसे पहले कांकेर के कोयलीबेड़ा इलाके में सक्रिय दो हार्डकोर नक्सलियों ने सरेंडर किया. आत्मसर्मपित नक्सलियों की पहचान शंकर और हिडमा के रूप में हुई है. जो लंबे समय से नक्सल संगठन से जुड़कर काम कर रहे थे.
दंतेवाड़ा-सुकमा में भी मुख्यधारा में लौटे नक्सली
इधर सुकमा में भी दो महिला नक्सलियों ने हथियारों के साथ मुख्यधारा में लौटे. डेडलाइन के आखिरी दिन 2 AK-47, एक LMG और 3 राइफल की सरेंडर किया. जहां महिला नक्सलियों से 10 लाख रुपए कैश और हथियार जवानों को सौंपा.
दंतेवाड़ा में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है. आत्मसमर्पण की निर्धारित डेडलाइन के अंतिम दिन 5 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटे. ये सभी नक्सली दंतेवाड़ा पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया. समर्पण करने पहुंचे इन माओवादियों ने भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा भी सुरक्षा बलों को सौंपा. इनमें 8 SLR राइफल, इंसास राइफल, कार्बाइन सहित अन्य घातक हथियार शामिल हैं.
नारायणपुर में भी नक्सली ने डाले हथियार
नारायणपुर में पुलिस के समक्ष एक नक्सली ने आत्मसमर्पण किया है. इसके साथ ही नक्सलियों के एक विशाल डंप का भंडाफोड़ किया है. इसके साथ ही 25 भरमार बंदूकें, 6 बीजीएल लॉन्चर, 12 नग 315 बोर की राइफलें, 1 एलएमजी, कई विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी शामिल हैं.
सुन्दरराज पी ने की अपील
बस्तर रेंज आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने विगत तीन दिनों में मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आगे आए इन सभी 11 माओवादी कैडरों के निर्णय का स्वागत करते हुए एक बार फिर शेष बचे कुछ माओवादी कैडरों से हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील दोहराई.
उन्होंने कहा कि माओवादी कैडरों के पास आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास के विकल्प को चुनने के लिए अब केवल कुछ ही घंटे का समय शेष रह गया है. उन्हें इस अवसर का विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए अपने हिंसक अतीत को त्यागकर सामान्य, शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन अपनाना चाहिए.
