April 20, 2026

’33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाकर रहेंगे’, महिला आरक्षण विधेयक गिरने पर विपक्ष पर गरजे सीएम साय

VISHNUDEV SAI

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं होने पर विपक्ष पर निशाना साधा। सीएम ने कहा कि महिलाओं के साथ किए गए इस महापाप का परिणाम कांग्रेस और विपक्षी दलों को भुगतना पड़ेगा। इसके साथ ही सीएम ने कहा कि महिला आरक्षण बिल गिरने पर बीजेपी कांग्रेस के खिलाफ सड़क पर उतरेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारे देश की आधी आबादी, माता-बहनों को देश के विकास में सहभागी बनाने और लोकसभा व विधानसभाओं में उनका 33 प्रतिशत नेतृत्व बढ़ाने के लिए यह बिल लाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नारी शक्ति वन्दन (संशोधन) अधिनियम लाया गया था और संसद के विशेष सत्र में उस पर चर्चा की गई।

विपक्ष का चरित्र महिला विरोधी
उन्होंने कहा कि 16 से 18 अप्रैल तक आहूत संसद के सत्र से पहले एक बहुत अच्छा वातावरण पूरे देश व प्रदेश में था। देशभर की मातृशक्ति में इस अधिनियम को लेकर काफी उमंग व उत्साह का वातावरण था। महिलाओं की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए देशभर में अनेक कार्यक्रम हो रहे थे, लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि हमारी माता-बहनों की खुशी कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और समाजवादी पार्टी के अड़ियल और महिला विरोधी राजनीतिक चरित्र के चलते साकार नहीं हो पाई।

विपक्ष ने पाप किया है
सीएम ने कहा- साय ने कहा कि हमारे देश में नारी का स्थान पूजनीय रहा है। नारी की प्रखर मेधा का सम्मान करते हुए देश की राजनीति में हम महिलाओं को उनका अधिकार देकर सम्मानित करने जा रहे थे। लेकिन इण्डी गठबंधन ने इसमें अवरोध उत्पन्न करके नारी शक्ति के साथ घोर अन्याय करने का पाप किया है।

केंद्र और राज्य सरकार की चल रही हैं योजनाएं
उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्र तथा प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा चलाई जा रही महिला कल्याणकारी योजनाओं का ब्योरा रखते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने सदैव हर स्तर पर नारी के संवैधानिक अधिकारों व सम्मान की रक्षा की है। आज त्रि-स्तरीय पंचायतों में महिलाओं का नेतृत्व 50 से बढ़कर 57 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्रदेश की विधानसभा में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 22 प्रतिशत तक है। कांग्रेस फूट डालो और राज करो की ब्रिटिश नीति पर चलकर पिछले तीन दशकों से महिला आरक्षण की केवल बातें कर रही है, परंतु जब भी इस पर सार्थक पहल कर उसे कानून बनाने का वक्त आता है तब कांग्रेस के लोग मुंह फेर लेते हैं।

महिलाओं को हक दिलाकर रहेंगे
परिसीमन, धर्म आधारित आरक्षण, उत्तर-दक्षिण वैमनस्य पैदा करने की गर्हित कोशिश करके नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को पारित नहीं होने दिया। यह हमारे देश की 70 करोड़ माता-बहनों के साथ सरासर धोखा है, अपमान है। इसके लिए निश्चित रूप से देश की मातृशक्ति इण्डी गठबंधन को कतई माफ नहीं करेगी और कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। विधेयक पारित नहीं होने बावजूद भाजपा का संकल्प डिगा नहीं है और इस अधिनियम के मार्ग की सारी बाधाओं को दूर करके हम देश की मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाकर रहेंगे।

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