छत्तीसगढ़ में लागू होगा UCC, रंजना प्रकाश के नेतृत्व में बनाई जाएगी कमेटी, CM चुनेंगे सदस्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की मीटिंग हुई। मंत्रालय में हुई इस बैठक में अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। जिसमें सबसे बड़ा फैसला UCC के संबंध में लिया गया है, जहां प्रदेश की कैबिनेट ने प्रदेश भर में UCC को लागू करने पर सहमति दी है। जिसके लिए रंजना प्रकाश के नेतृत्व में एक कमेटी बनी जाई। कमेटी के सदस्यों को खुद मुख्यमंत्री चुनेंगे। इसके साथ ही एलपीजी, धान सरप्लस की नीलामी और बस्तर से नक्सलवाद का सफाया करने के बाद बस्तर 2.0 प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुई। इसके साथ अवैध खनन समेत कई मामलों पर चर्चा हुई।
समिति गठन को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने UCC का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दे दी है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति का काम राज्य के सामाजिक, कानूनी और सांस्कृतिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित मसौदा तैयार करना होगा। सरकार का मानना है कि विशेषज्ञों की यह टीम सभी पक्षों को समझते हुए एक व्यावहारिक और लागू करने योग्य ड्राफ्ट तैयार करेगी।
UCC को लेकर सरकार की मंशा साफ
राज्य सरकार का कहना है कि UCC लागू करने का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार देना है। इसके तहत शादी, तलाक, गोद लेने और संपत्ति जैसे निजी मामलों में एक समान कानून लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे सामाजिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और अलग-अलग धर्मों के अलग-अलग कानूनों के कारण पैदा होने वाली जटिलताओं को खत्म किया जा सकेगा।
वर्तमान व्यवस्था और बदलाव की जरूरत
अभी भारत में व्यक्तिगत मामलों से जुड़े कानून धर्म के आधार पर अलग-अलग हैं। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और अन्य समुदायों के अपने-अपने पर्सनल लॉ हैं। इसी वजह से कई बार कानूनी प्रक्रियाओं में असमानता और विवाद देखने को मिलते हैं। UCC लागू होने के बाद सभी नागरिकों के लिए एक ही कानून लागू होगा, जिससे न्याय व्यवस्था अधिक सरल और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
आगे की प्रक्रिया और संभावित असर
अब समिति द्वारा तैयार किए जाने वाले ड्राफ्ट पर सरकार आगे निर्णय लेगी। इसके बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर कई बदलाव किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सामाजिक और राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि छत्तीसगढ़ इस दिशा में कितना तेजी से आगे बढ़ता है और इसका आम जनता पर क्या प्रभाव पड़ता है।
