April 10, 2026

अमित बघेल को हाई कोर्ट से मिली जमानत, छत्तीसगढ़ महतारी मूर्ति खंडित मामले में दिया था विवादित बयान

amit-baghel-

बिलासपुर। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. उच्च न्यायालय ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है. उन पर छत्तीसगढ़ महतारी मूर्ति खंडित मामले में विवादित बयान देने का आरोप है. बघेल के खिलाफ तेलीबांधा, कोतवाली और देवेंद्र नगर पुलिस थानों में कुल 14 FIR दर्ज हैं. कोर्ट ने उन्हें 3 महीने की अंतरिम जमानत दी है.

कोर्ट ने क्या शर्त रखी?
राजधानी रायपुर के वीआईपी चौक पर स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को करीब 5 महीने पहले एक व्यक्ति ने खंडित कर दिया था. इस पर अमित बघेल ने अग्रवाल और सिंधी समाज को लेकर विवादित बयान दिया था. इस मामले में उनके खिलाफ रायपुर के अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज करवाई गई थी. मामले की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है. इसके साथ ही रायपुर शहर में ना रहने की शर्त रखी है. अदालत में पेश के लिए उन्हें आने की इजाजत दी जाएगी.

अमित बघेल ने क्या कहा था?
इस मामले में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल ने आपत्तिजनक शब्द कहे थे. दैनिक भास्कर के मुताबिक उन्होंने कहा था दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और महाराजा अग्रसेन की मूर्तियां क्यों नहीं टूटती हैं. इनकी मूर्तियों कोई पेशाब क्यों नहीं करते हैं. इनका अपमान क्यों नहीं करते हैं. महाराजा अग्रसेन के बारे में अपशब्द कहते हुए कहा कि अग्रसेन महाराजा कौन है? चोर है या झूठा है. क्या जानते हैं, पाकिस्तानी सिंधी हैं.

पूरे राज्य में हुआ था प्रदर्शन
अमित बघेल के विवादित बयान को लेकर पूरे राज्य में प्रदर्शन हुए. रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा में सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर लोगों ने बड़ी संख्या में विरोध जताया था. अग्रवाल समाज के लोगों ने सार्वजनिक तौर पर माफी की मांग की थी.

error: Content is protected !!