निलंबित कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू बहाल, अफीम कांड में हुईं थी सस्पेंड, बीजेपी नेता के खेत में मिली थी अवैध फसल
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की खेती के मामले में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को बड़ी राहत मिली है। प्रशासन ने विभागीय जांच के बाद एकता साहू के निलंबन को वापस लिया है। जिसके बाद उन्हें फिर से बहाल कर दिया गया है। एकता साहू के निलंबन के बाद राजस्व विभाग के कई संगठन विरोध पर थे और धरने पर बैठ गए थे। विभागीय जांच पूरी होने के बाद उन्हें फिर से बहाल किया गया है। हालांकि एकता साहू की नई पदस्थापना धमधा में की गई है।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि संसाधनों की कमी और अफीम की फसल की पहचान हेतु उचित प्रशिक्षण नहीं होने के कारण वह पौधों की पहचान नहीं कर सकीं। दुर्ग संभाग आयुक्त के निर्देश पर संयुक्त संचालक कृषि ने एकता साहू के बहाली का आदेश जारी किया है। एकता साहू के निलंबन अवधि के वेतन और आगामी अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अंतिम फैसला कलेक्टर दुर्ग द्वारा विभागीय जांच पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
जारी रहेगी विभागीय जांच
जानकारी के अनुसार, एकता साहू को भले फिर से बहाल कर दिया गया है लेकिन राहत मिलने के बावजूद उनकी मुश्किलें कम नहीं होंगी क्योंकि इस मामले की विभागीय जांच जारी रहेगी।
क्या है मामला
दरअसल, पूरा मामला दुर्ग जिले के समोदा गांव का है। यहां भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती पकड़ी गई थी। जांच के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में जिला प्रशासन ने 13 मार्च को एकता साहू को निलंबित कर दिया था। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई सीएम के सख्त फटकार के बाद हुई थी।
क्या था आरोप
एकता साहू पर आरोप था कि जिस खेत को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मक्का फसल का प्लॉट बताया गया था, वहां मक्का की जगह धान के साथ-साथ अवैध तरीके से अफीम की खेती की जा रही है। सर्वे के दौरान एकता साहू ने अफीम की फसल के बारे में विभाग को कोई जानकारी नहीं दी थी। जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
