March 27, 2026

महादेव सट्टा ऐप पर ED का बड़ा एक्शन : सौरभ चंद्राकर का दुबई लग्जरी विला और Burj Khalifa फ्लैट समेत 1700 करोड़ की संपत्तियां अटैच

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रायपुर। छत्तीसगढ़ से जुड़े चर्चित महादेव सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर की करीब 1700 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच कर दी हैं। यह कार्रवाई ED के रायपुर जोनल ऑफिस ने 24 मार्च को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत की है। इस Mahadev betting app case में ED की यह अब तक की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

दुबई और दिल्ली में 20 संपत्तियां अटैच
ED के मुताबिक इस Mahadev app scam में कुल 20 अचल संपत्तियां अटैच की गई हैं, जिनमें 18 संपत्तियां दुबई में और 2 नई दिल्ली में स्थित हैं। इन सभी संपत्तियों की कुल अनुमानित बाजार कीमत करीब 1700 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले नेटवर्क की पुष्टि करती है।

दुबई के प्राइम लोकेशन पर लग्जरी प्रॉपर्टी
जांच एजेंसी के अनुसार अटैच की गई संपत्तियां दुबई के प्राइम लोकेशन पर मौजूद हैं। इनमें Dubai Hills Estate, Business Bay, SLS Hotel & Residences और Burj Khalifa जैसे हाई-एंड इलाकों में स्थित लग्जरी विला और अपार्टमेंट शामिल हैं। Mahadev betting app case में इतनी बड़ी विदेशी संपत्तियों का खुलासा जांच का अहम हिस्सा है।

मुख्य आरोपी और सहयोगियों से जुड़ी संपत्तियां
ED ने बताया कि ये सभी संपत्तियां महादेव ऑनलाइन बुक ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और उनके सहयोगियों से जुड़ी हैं। इन संपत्तियों को अलग-अलग नामों के जरिए कंट्रोल किया जा रहा था, जिनमें विकास छपारिया, रोहित गुलाटी, अतुल अरोड़ा, नितिन तिब्रेवाला और सुरेंद्र बागड़ी जैसे नाम शामिल हैं।

अवैध सट्टेबाजी से कमाई गई रकम
जांच में सामने आया है कि यह पूरी संपत्ति Mahadev app scam के तहत अवैध ऑनलाइन बेटिंग से कमाए गए पैसे से खरीदी गई थी। ED ने इस Chhattisgarh betting scam की जांच विभिन्न राज्यों में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी, जिनमें IPC और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।

इंटरनेशनल सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा
ED की जांच में यह भी सामने आया है कि Mahadev betting appएक अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी सिंडिकेट के रूप में काम करता था। यह नेटवर्क TigerExchange, Gold365 और Laser247 जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होता था। पूरा सिस्टम फ्रेंचाइजी मॉडल पर आधारित था, जिसमें देशभर में पैनल बनाकर नेटवर्क फैलाया गया।

हवाला और क्रिप्टो के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग
जांच एजेंसी के अनुसार इस Mahadev betting app case में हजारों डमी बैंक अकाउंट खोले गए और आम लोगों के KYC का दुरुपयोग किया गया। इसके बाद हवाला, क्रिप्टो और लेयरिंग के जरिए रकम विदेश भेजी गई और UAE सहित अन्य जगहों पर महंगी संपत्तियों में निवेश किया गया।

अब तक 4336 करोड़ की संपत्तियां अटैच
ED ने इस मामले में अब तक 175 से अधिक ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाए हैं। 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है। Mahadev betting app case में अब तक कुल 4336 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं।

भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू
ED ने सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ Fugitive Economic Offenders Act 2018 के तहत कार्रवाई भी शुरू कर दी है। एजेंसी का कहना है कि विदेश में बैठे आरोपियों को पकड़ने और इस Chhattisgarh betting scam को खत्म करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।

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