छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को राहत : सीएम साय लॉन्च करेंगे ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’, बकाया राशि पर 75% तक छूट
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक नई योजना शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का शुभारंभ करेंगे। यह कार्यक्रम रायपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेई सभागार में आयोजित होगा।
इस योजना के माध्यम से राज्य के निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के साथ-साथ कृषि उपभोक्ताओं को बिजली बिल के बकाया भुगतान में राहत देने का प्रयास किया गया है।
तीन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कमर ने बताया कि इस योजना का लाभ तीन अलग-अलग श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मिलेगा।
पहली श्रेणी में वे उपभोक्ता शामिल हैं जिनके बिजली कनेक्शन 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय हो चुके हैं।
दूसरी श्रेणी में सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शन वाले उपभोक्ता शामिल किए गए हैं।
तीसरी श्रेणी में सक्रिय अशासकीय घरेलू और कृषि उपभोक्ता शामिल हैं।
सरकार का उद्देश्य यह है कि ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ता अपने पुराने बिजली बिलों का भुगतान कर सकें और बिजली व्यवस्था को व्यवस्थित बनाया जा सके।
अधिभार में पूरी छूट और मूल राशि में भी राहत
इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल जमा करने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसमें अधिभार की राशि में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा कई मामलों में मूल बकाया राशि में भी 75 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी। इससे लंबे समय से बकाया बिजली बिल से परेशान उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
पंजीयन कराना होगा अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। पंजीयन के समय बकाया राशि का कम से कम 10 प्रतिशत भुगतान करना होगा। पंजीयन के बाद उपभोक्ता शेष राशि को किश्तों में जमा कर सकेंगे। खास बात यह है कि किश्तों के भुगतान पर अगले महीने किसी भी प्रकार का अतिरिक्त अधिभार नहीं लगाया जाएगा।
30 जून 2026 तक लागू रहेगी योजना
सरकार के अनुसार यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि के दौरान पात्र उपभोक्ता पंजीयन कराकर इसका लाभ ले सकते हैं। राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता लाभान्वित होंगे जिनके ऊपर लंबे समय से बिजली बिल बकाया है। साथ ही इससे बिजली वितरण व्यवस्था को भी मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
