CG : देश के पहले साथी बाजार का भूमिपूजन, 5000 टन कोल्ड स्टोरेज, 170 दुकानें, वेंडर जोन का होगा निर्माण
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में किसानों के लिए बड़ी पहल करते हुए देश के पहला साथी बाजार का भूमिपूजन किया गया है. साथी बाजार के अधोसंरचना निर्माण कार्य का भूमिपूजन समारोह दुर्ग के रुंआबांधा में हुआ जहां मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री राम विचार नेताम शामिल हुए.
किसानों को मिलेगा बेहतर मंच
मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि 5000 टन क्षमता का आधुनिक कोल्ड स्टोरेज बनने से किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी. इससे उन्हें फसल तुरंत बेचने की मजबूरी नहीं होगी और उचित समय पर बेहतर कीमत मिल सकेगी. उन्होंने कहा कि यह साथी बाज़ार केवल व्यापारिक केंद्र नहीं, बल्कि किसानों को सशक्त बनाने का मंच होगा, जहां खेत से सीधे उपभोक्ता तक उत्पाद पहुंचेगा.
अब किसान अपने उत्पाद को किसी भी खरीदार को बेचने के लिए स्वतंत्र हैं. मुख्यमंत्री द्वारा घोषित अंतर की राशि होली से पहले किसानों के खातों में पहुंचाई जाएगी.- रामविचार नेताम, मंत्री
दुर्ग में बनेगा देश का पहला ‘साथी बाजार’
दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के मध्य स्थित रूआबांधा में 5 एकड़ क्षेत्र में निर्माण
केंद्र सरकार की “साथी” परियोजना के तहत बनेगा
राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम की ओर से भूमि उपलब्ध कराई गई
5000 टन क्षमता का आधुनिक कोल्ड स्टोरेज, 170 दुकानें बनेंगी
वेंडर जोन, गेम जोन, सुपरमार्केट और मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए कई सुविधाएं
साथी बाजार में लगभग 154 प्रकार के उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था होगी
कई कृषि उत्पादों की ’प्रोसेसिंग सुविधाएं’ भी बाजार परिसर में विकसित की जाएंगी
परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना, स्व सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाना है.
170 दुकान बनेंगी, कई सुविधाएं एक जगह
साथी बाज़ार में लगभग 170 दुकानों का निर्माण किया जाएगा. यहां वेंडर जोन, गेम जोन और अन्य सर्वसुविधायुक्त व्यवस्थाएं उपलब्ध होंगी. उपाध्यक्ष निधि चंद्राकर ने बताया कि लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला यह बाजार किसानों को सीधे खेत से उपभोक्ताओं तक जोड़ने का माध्यम बनेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी. महिलाओं को भी अपने उत्पाद बेचने के लिए विशेष प्लेटफॉर्म दिया जाएगा.
कांग्रेस पर भी पलटवार
जल, जंगल, जमीन के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए नेताम ने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक बयानबाजी कर किसानों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के समय इन संसाधनों को नुकसान पहुंचा, जबकि वर्तमान सरकार संरक्षण और विकास दोनों पर समान रूप से काम कर रही है.
सरकार किसानों के लिए प्रतिबद्ध
मंत्री ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित अंतर की राशि होली से पहले किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी. सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. वहीं उन्होंने कहा कि साथी बाज़ार मॉडल पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगा और इसकी शुरुआत दुर्ग से होना गर्व की बात है.
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का संचालन दुर्गश्री किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जाएगा. भूमिपूजन कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर और राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे.
