February 11, 2026

CG : सहायक औषधि नियंत्रक संजय नेताम निलंबित, नकली दवाओं के माफिया के साथ वीडियो हुआ था वायरल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पदस्थ सहायक औषधि नियंत्रक (Assistant Drug Controller) संजय कुमार नेताम को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के संचालक ने निलंबित कर दिया है। बता दें कि उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था, जिसमें वे नकली दवाओं से जुड़े दवा माफिया ख़ेमराम बानी के साथ रेस्टोरेंट में बैठक कर रहे थे और उन्हें कार्रवाई की विभागीय फाइल दिखा रहे थे। जिसका स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया. कार्रवाई की आंच अन्य अधिकारियों तक भी पहुंची है. वीडियो वायरल होने के बाद एनएसयूआई ने इस मामले में प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की थी।

संजय कुमार नेताम रायपुर के टैन कैफे में बैठकर वे नकली दवाओं से जुड़े प्रकरण के मामले में दवा माफियाओं के साथ मीटिंग कर रहे थे। आरोप है कि वह विभागीय कार्रवाई से जुड़े महत्वपूर्ण फाइल दवा माफियाओं को दिखा रहे थे। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद एनएसयूआई ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी।

एनएसयूआई ने तहसील में धरना प्रदर्शन किया था और उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से सहायक औषधि नियंत्रक संजय कुमार नेताम को धरने के दौरान पांच लाख रुपए दिए थे। एनएसयूआई के प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे पांच लाख रुपए संजय कुमार नेताम को इस एवज में देना चाहते है कि वे रिश्वतखोरी पूरी तरह से छोड़ दें। इसके अलावा भी वह हर माह 50 हजार रुपये प्रतिमाह सहायक औषधि नियंत्रक संजय कुमार नेताम को देंगे। पर वह दवा माफियाओं से मिली भगत कर नकली दवाओं की सप्लाई बाजार में न करवाएं।

सरकार पर भी निशाना साधते हुए एनएसयूआई ने कहा था कि अचरज की बात है कि इतना बड़ा सबूत होने और वीडियो वायरल होने के बावजूद अब तक सहायक औषधि नियंत्रक पर कार्रवाई नहीं की गई जो उनको शह देने जैसा है। कार्रवाई की मांग प्रदर्शनकारियों ने की थी। जिसके बाद आज लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय से आदेश जारी करते हुए सहायक औषधि नियंत्रक रायपुर संजय कुमार नेताम को निलंबित कर दिया गया है।

कार्रवाई के दायरे में राखी सिंह ठाकुर
मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राखी सिंह ठाकुर की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है. बताया गया है कि ADC और आरोपी की जिस मुलाक़ात का स्टिंग हुआ, उस दौरान राखी सिंह ठाकुर भी मौके पर मौजूद थीं. इसके बाद शासन ने उन्हें जशपुर स्थानांतरित कर दिया है, जिसे प्रशासनिक हलकों में कार्रवाई के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.

आगे और बढ़ सकती है जांच
सूत्रों के अनुसार यह मामला अभी थमा नहीं है. निलंबन और तबादले के बाद अब विस्तृत विभागीय जांच की तैयारी है. माना जा रहा है कि जांच के दौरान और भी नाम सामने आ सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग और राजनीति दोनों में हलचल और तेज़ हो सकती है.नकली दवाओं जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि प्रशासनिक लापरवाही और संदिग्ध सांठगांठ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. लेकिन साथ ही यह मामला यह सवाल भी छोड़ गया है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग में यह गोरखधंधा कितनी गहराई तक फैला हुआ है.

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