संसद बजट सत्र 2026 : दुनिया के वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं – राहुल गांधी
नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बुधवार को जारी है. लोकसभा में बजट पर चर्चा हो रही है. मंगलवार को लोकसभा में चर्चा शुरू करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि डील का फ्रेमवर्क ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जैसा कम और पहले से तय खरीदारी जैसा ज्यादा लगता है जो आपसी लेन-देन के विचार को ही पलट देता है.’ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को 2026-27 का बजट पेश किया था. उन्होंने केंद्रीय बजट के हिस्से के तौर पर अगले पांच सालों में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और 20 नेशनल वॉटरवे को चालू करने का प्रस्ताव रखा. सीतारमण ने इस साल के आखिर में पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बड़े ऐलान किए. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार पूर्व में पश्चिम बंगाल के डांगकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाएगी. 28 जनवरी को शुरू हुए बजट सेशन में 65 दिनों में 30 बैठकें होंगी और यह 2 अप्रैल को खत्म होगा. दोनों सदन 13 फरवरी को छुट्टी के लिए स्थगित होंगे और 9 मार्च को फिर से शुरू होंगे ताकि स्टैंडिंग कमेटियां अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की जांच कर सकें.
बजट में कुछ खास नहीं है: राहुल गांधी
देश के 140 करोड़ लोगों के सामने एक नया चैलेंज है. एआई के आने से एक अलग तरह का संकट दिख रहा है. एआई के लिए डाटा पेट्रोल की तरह है. बजट में कुछ खास नहीं है. बजट में डेटा से जुड़ा कुछ नहीं है. चीनी डेटा से मुकाबला करने के लिए कुछ नहीं है. अमेरिका को सिर्फ भारत का डेटा चाहिए. अमेरिका और चीन की नजर भारत के डेटा पर है. भारत के पास सबसे ज्यादा डेटा है. डॉलर को बचाने के लिए अमेरिका को भारत का डेटा चाहिए. बजट में मौजूदा चुनौतियों की बात नहीं है.
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बजट पर चर्चा कर रहे हैं. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मार्शल आर्ट में सीक्वेंस है ग्रिप, चोक और टैप. यह ग्रिप पॉलिटिक्स में भी होती है लेकिन, पॉलिटिक्स में ग्रिप, चोक और टैप छिपे रहते हैं. दुनिया के हालात तेजी से बदल रहे हैं. हम युद्ध के दौर से गुजर रहे हैं. दुनिया के वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं.
अब यह साफ हो गया है कि स्पीकर सही फैसला दे रहे थे: सांसद संजय झा
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता न करने पर जेडी(U) सांसद संजय झा ने कहा, ‘यह बिल्कुल साफ है, है ना? जनरल नरवणे ने कहा कि उनकी किताब न तो प्रिंट फ़ॉर्म में है और न ही यह ऑनलाइन पब्लिश हुई किताब है, यहाँ तक कि पब्लिशर ने भी बयान दिया है कि किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है. स्पीकर बार-बार यही फैसला दे रहे थे कि आप उस किताब को कोट नहीं कर सकते जो पब्लिश नहीं हुई है. राहुल गांधी एक अनपब्लिश्ड किताब को कोट कर रहे थे, और अब यह साफ हो गया है कि स्पीकर सही फैसला दे रहे थे. ये लोग बार-बार चुनाव हारने से बस फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्हें लगता है कि वे कानून से ऊपर हैं. सदन में आखिरी अधिकार स्पीकर के पास होता है.’
