January 26, 2026

पद्म पुरस्कार 2026 : CG की बुधरी ताती, डॉ रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले का चयन, सीएम साय ने जताई खुशी

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रायपुर। पद्म पुरस्कार 2026 का मोदी सरकार ने ऐलान कर दिया है. छत्तीसगढ़ से तीन विभूतियों को पद्मश्री पुरस्कार मिला है. इनमें सोशल वर्कर बुधरी ताती, डॉक्टर रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले शामिल हैं. सीएम साय ने इसे बस्तर की सेवा संस्कृति का सम्मान बताया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि यह अत्यंत गर्व और सम्मान का अवसर है कि बस्तर की समाजसेविका बुधरी ताती को पद्म पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है.

छत्तीसगढ़ की तीन विभूतियों को पद्म पुरस्कार
बुधरी ताटी स्नेह और ममता की प्रतिमूर्ति हैं बड़ी दीदी के नाम से बस्तर में जानी जाती हैं. इसके अलावा जनजातीय अंचलों में निस्वार्थ सेवा के जीवंत प्रतीक डॉ. रामचंद्र गोडबोले एवं सुनीता गोडबोले का पद्म श्री सम्मान के लिए चुना गया है. यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है.

सीएम साय ने दी बधाई
सीएम साय ने बुधरी ताती, डॉ रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले को पद्म पुरस्कार के लिए बधाई दी है. उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाली इन तीनों विभूतियों को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं. हम उनके स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं.

बुधरी ताती (ताटी(, डॉ रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले का पद्म पुरस्कार के लिए चयन होना गर्व का विषय है. यह उपलब्धि न केवल इन तीनों विभूतियों की तपस्या और समर्पण का सम्मान है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए अपार गौरव का विषय भी है- विष्णुदेव साय, सीएम, छत्तीसगढ़

बस्तर की जनजातीय क्षेत्रों में समाज सेवा को सम्मान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर और जनजातीय अंचलों में मानव सेवा, करुणा और समर्पण की जो मिसाल इन विभूतियों ने प्रस्तुत की है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है. उनका जीवन यह सिद्ध करता है कि सेवा भाव से किया गया कार्य सीमाओं को पार कर राष्ट्रीय पहचान बन जाता है.

राष्ट्रीय स्तर पर बनी छत्तीसगढ़ की पहचान
सीएम साय ने कहा कि इन तीनों शख्सियतों ने कई सालों तक मौन साधना कर समाज के लिए काम किया है. उन्होंने कहा कि उनकी साधना ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों की सेवा की है. यही वजह है कि आज देश ने उस सेवा को सम्मान दिया है. यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ की मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक चेतना और जनजातीय संस्कृति की शक्ति का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है.

बुधरी ताती के बारे में जानिए
बुधरी ताती छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा की सोशल वर्कर हैं. उन्होंने साल 1996 में दंतेवाड़ा के हीरानगर में रहकर आदिवासियों को शिक्षा से जोड़ा. उसके बाद महिलाओं और समाज को एकजुट करने का काम किया. दंतेवाड़ा में उन्होंने अशिक्षा के खिलाफ जंग लड़ी. महिलाओं और बेटियों को शिभा के प्रति जागरुक किया. इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं के विकास के लिए उन्होंने काम किया.

महिला सशक्तिकरण की दिशा में किया काम
बुधरी ताती ने दंतेवाड़ा के अलावा बस्तर के अन्य अंचलों में भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्य किया. उन्होंने महिलाओं को बचत और स्वरोजगार की अहमियत समझाई. इसके अलावा उन्होंने नशामुक्ति के लिए गांव गांव जाकर लोगों से संवाद किया. नशे के घातक परिणामों के बारे में लोगों को बताया. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें जागरुक किया.

डॉ रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले के बारे में जानिए
डॉक्टर रामचंद्र गोडबोले और डॉक्टर सुनीता गोडबोले डॉक्टर दंपति हैं. वे नारायणपुर जिले के रहने वाले हैं. यहां अबूझमाड़ में उन्होंने आदिवासियों के बीच स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का काम किया है. उन्होंने ट्रस्ट फॉर हेल्थ नाम की संस्था बनाई और इसके जरिए अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाकों में काम किया. दोनों का पद्म श्री पुरस्कार के लिए चयन हुआ है. उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में कई जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का काम किया.

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