January 21, 2026

शराब घोटाला : कवासी लखमा समेत 40 याचिकाओं पर 28 जनवरी को सुनवाई करेगा SC, सौम्या की गिरफ्तारी पर सरकार को नोटिस

SUPREEM COURT

रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामलों से जुड़ीं 40 से अधिक याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने 28 जनवरी तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी। इन याचिकाओं में आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी शामिल हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को जमानत देने के खिलाफ दायर प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर भी अगले बुधवार को सुनवाई होगी।

राज्य और जांच एजेंसी को नोटिस
मंगलवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने पूर्व नौकरशाह सौम्या चौरसिया की एक अलग याचिका पर राज्य सरकार और जांच एजेंसी को नोटिस जारी किए। चौरसिया छत्तीसगढ़ कैडर की लोकसेवक थीं। वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में उप सचिव और विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) थीं।

जमानत मिलने के बाद हुई थी गिरफ्तारी
कोयला घोटाला मामले में शीर्ष अदालत से जमानत मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने शराब घोटाले में उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया था। चौरसिया की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा, “यह प्राथमिकी को निरंतर बनाए रखने का मामला है और उच्चतम न्यायालय की पूरी तरह से अनदेखी है। उच्चतम न्यायालय से जमानत मिलने के बाद उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया जाता है।”

चौरसिया और अन्य आरोपियों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा, “उनपर लगे आरोप और सबूत 2019 से समान हैं।” पीठ ने कहा, “नोटिस जारी करें।” पीठ ने हालांकि इस मामले में चैतन्य बघेल को जमानत देने के फैसले को चुनौती देने वाली ईडी की अलग याचिका पर नोटिस जारी नहीं किया।

कवासी लखमा की याचिका में 28 जनवरी को सुनवाई
पीठ ने कहा कि वह इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लाखमा की जमानत याचिका पर भी 28 जनवरी को सुनवाई करेगी। मंगलवार को अदालत में आरोपियों और जांच एजेंसियों की 40 से अधिक याचिकाएं सूचीबद्ध की गई थीं। इससे पहले दो जनवरी को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने चैतन्य बघेल को राज्य में कथित शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में जमानत दे दी थी।

ईडी ने कथित घोटाले की धनशोधन जांच के सिलसिले में पिछले साल 18 जुलाई को चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। इससे पहले, एसीबी/ईओडब्ल्यू ने 24 सितंबर को इस मामले में जेल में रहते हुए ही उन्हें गिरफ्तार किया था। ईडी के अनुसार, राज्य में शराब ‘घोटाला’ 2019 और 2022 के बीच हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी।

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