January 21, 2026

गांव में जली एक साथ 7 चिताएं, बिलखते रोते परिजनों ने किया अंतिम संस्कार, बड़ी संख्या में मौजूद थे लोग

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बलरामपुर। छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा के ओरसा घाट में हुए बस हादसे में मारे गए लोगों को अंतिम संस्कार मंगलवार को किया गया। रविवार को स्कूल बस पलटने से 10 लोगों की मौत हो गई थी। सभी मृतक बलरामपुर जिले के रहने वाले थे। मरने वालों में पीपरसोत गांव में 7, महाराजगंज में 2 और बुद्धडीह में एक शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।

पीपरसोत में 7 लोगों का अंतिम संस्कार
बलरामपुर हादसे में मारे गए सबसे ज्यादा लोग पीपरसोत गांव के थे। गांव में एक साथ 7 अर्थियां सजी थी। यह नजारा देख पूरा गांव बिलख पड़ा। परिवार वालों ने रोते-बिलखते हुए अपनों का अंतिम संस्कार किया। स्थानीय लोगों ने बताा कि सभी मृतक अलग-अलग परिवारों के थे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बड़ी संख्या में पहुंचे थे लोग
अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में गांव के लोग पहुंचे थे। अभी लोगों का अंतिम संस्कार अलग-अलग स्थानों पर किया गया। इस दौरान आसपास के गांव के लोग भी मौजूद थे। मृतकों का शव सोमवार शाम को गांव पहुंचा था। उसके बाद मंगलवार सुबह से अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू की गई थीं।

हादसे में 78 लोग घायल
बस हादसे में कुल 78 लोग घायल हुए थे। जिनमें से 19 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों का इलाज छत्तीसगढ़ और झारखंड के अस्पतालों में जारी है। हादसा झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड थाना क्षेत्र में हुआ।

रविवार को हुआ था हादसा
पुलिस ने हादसे में बताया कि झारखंड के लातेहार जिले में रविवार को बारात ले जा रही एक बस पलट गई। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई और करीब 80 घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि यह हादसा महुआडांड़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत ओरसा बंगलाधारा घाटी में हुआ। पुलिस के अनुसार, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से बारात लेकर बस लातेहार के महुआडांड़ आ रही थी। हादसे में चार महिलाओं सहित पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

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