बेमेतरा में 17 करोड़ का धान गायब, भौतिक सत्यापन में 53 हजार क्विंटल कम मिला धान….
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ में धान शॉर्टेज या गायब होने के मामले बढ़ते जा रहे हैं. बेमेतरा जिले में भी धान खरीदी और संग्रहण को लेकर बड़ी अनियमितता सामने आई है. सरदा–लेंजवारा धान संग्रहण केंद्र से करीब 17 करोड़ रुपए का धान गायब होने की पुष्टि हुई है. इस मामले में प्रशासन ने संग्रहण केंद्र प्रभारी नीतीश पाठक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है और जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है.

पिछले वर्ष अलग-अलग सेवा सहकारी समितियों से लगभग 65 हजार क्विंटल धान इस केंद्र में लाकर डंप किया गया था. हाल ही में खाद्य विभाग, सहकारिता और मंडी की संयुक्त टीम ने जब भौतिक सत्यापन किया तो मौके पर केवल 11 हजार क्विंटल धान ही मौजूद मिला.
जांच टीम ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर बेमेतरा कलेक्टर को प्रतिवेदन सौंप दिया है. खाद्य अधिकारी के अनुसार, मामले में प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही और अनियमितता पाई गई है, इसी कारण संग्रहण केंद्र प्रभारी को हटा दिया गया है.
निरीक्षण के दौरान 53,639 क्विंटल धान कम पाया गया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 17 करोड़ रुपए है. रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण में भारी अंतर मिला है, जिसकी जांच जारी है.- जिला खाद्य अधिकारी ओंकार सिंह ठाकुर
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बेमेतरा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो. जो भी दोषी हों, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
यह प्रदेश का पहला मामला नहीं है. पहले कवर्धा और अब बेमेतरा में करोड़ों का धान गायब हुआ है. ऐसा लग रहा है जैसे चूहे ही करोड़ों का धान खा गए हों. यह सब BJP सरकार और प्रशासन की मिलीभगत से हुआ है.- आशीष छाबडा पूर्व विधायक
कांग्रेस ने इस संबंध में कलेक्टर को पत्र भी सौंपने की जानकारी दी. अब कलेक्टर स्तर पर रिपोर्ट का परीक्षण किया जाएगा. संभावना है कि आगे एफआईआर, रिकवरी और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.
