सुशासन केवल भाषणों में नहीं नतीजों में दिखे, सरकारी खरीदी और परियोजनाओं में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं : सीएम साय
रायपुर। सुशासन केवल फाइलों, नियमों या भाषणों का विषय नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका प्रत्यक्ष प्रभाव आम लोगों के जीवन और प्रशासनिक कार्यशैली में नजर आना चाहिए। ये बातें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 समारोह को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने सरकारी खरीदी, निर्माण कार्यों और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी स्तर पर अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि GeM समेत सभी सरकारी प्लेटफॉर्म पर पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ काम किया जाए, अन्यथा कार्रवाई तय है।
मुख्यमंत्री ने किया ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान सुशासन और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 5 विभागों और 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने ई-प्रगति पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि ई-प्रगति पोर्टल के जरिए अब प्रदेश में 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले सभी निर्माण कार्यों की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर परियोजनाओं की स्वीकृति, बजट आवंटन, मजदूरी, भुगतान, एमआईएस और संरचनात्मक प्रगति से जुड़ी जानकारी रियल-टाइम में उपलब्ध रहेगी।
निर्माण कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही देरी, लापरवाही और गड़बड़ियों पर समय रहते कार्रवाई करना संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि समाज के अंतिम व्यक्ति को भी बुनियादी सेवाओं के लिए भटकना न पड़े। पंचायत स्तर पर शुरू किए गए अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को अब आधार, पेंशन, बैंकिंग और बिजली-पानी बिल भुगतान जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं।
योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा के दिए निर्देश
अंत में मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों, सचिवों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और सरकारी संसाधनों के उपयोग में पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए।
