January 23, 2026

छत्तीसगढ़ में एक और बड़ा नक्सल सरेंडर : सुकमा में 27 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, 50 लाख के इनामी…

SUKKU

सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले सुकमा में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. यहां कुल 27 सक्रिय माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया.

आत्मसमर्पण करने वालों में पीएलजीए बटालियन नंबर 01 के दो हार्डकोर माओवादी शामिल हैं. आत्मसमर्पित माओवादियों में सीवायसीएम 01, पार्टी सदस्य 15 एवं अन्य 11 सक्रिय सदस्यों ने सरेंडर किया. आत्मसमर्पित माओवादियों में 10 महिला और 17 पुरुष शामिल हैं.

आत्मसमर्पित 01 माओवादी पर 10 लाख, 3 माओवादी पर 08-08 लाख, 1 माओवादी पर 3 लाख, 2 माओवादी पर 2-2 लाख और 9 माओवादियों पर 1-1 लाख यानी कुल 50 लाख रुपये का इनाम घोषित था.

सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025” और नियद नेल्लानार (चलो गांव की ओर) योजना से प्रभावित होकर माओवादियों ने सरेंडर किया है. पुलिस के बढ़ते प्रभाव, अंदरूनी इलाकों में लगातार खुल रहे सुरक्षा कैंपों और माओवादियों की अमानवीय विचारधारा से तंग आकर इन सभी ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया.

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में प्रमुख रूप से ओयम लखमू (50 लाख में से 10 लाख इनामी) शामिल हैं, जो लंबे समय तक पीएलजीए बटालियन नंबर 01 के हेड क्वार्टर प्लाटून सप्लाई टीम कमांडर के रूप में सक्रिय था. इसके अलावा माड़वी भीमा (8 लाख), सुनिता उर्फ कवासी सोमड़ी (8 लाख), सोड़ी मासे (8 लाख) और कई अन्य क्षेत्रीय एवं अग्र संगठनों से जुड़े माओवादी भी शामिल हैं.

सुकमा में 27 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. यह सफलता हमारी पुलिस टीम, सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदाय के संयुक्त प्रयास का परिणाम है. शासन की पुनर्वास नीति और नियद नेल्लानार योजना के सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिख रहे हैं-किरण चव्हाण,एसपी

पुलिस अधिकारी ने कहा कि सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उनके संगठन की हिंसक और भ्रामक विचारधारा से ऊबकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है. हम इनका स्वागत करते हैं और भरोसा दिलाते हैं कि पुनर्वास की प्रक्रिया में शासन हरसंभव सहायता करेगा. यह कदम बस्तर में स्थायी शांति की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा.

आत्मसमर्पण करने वाले अधिकांश माओवादी लंबे समय से सुकमा, किस्टाराम, चिंतागुफा और कोंटा इलाकों में सक्रिय थे. इनमें कई ऐसे हैं, जिन्होंने पिछले वर्षों में कई हमलों में भागीदारी की थी. अब ये सभी समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर एक नई जिंदगी की शुरुआत करना चाहते हैं.आत्मसमर्पित सभी माओवादियों को शासन की नीति के तहत प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा अन्य पुनर्वास सुविधाएं प्रदान की जाएंगी.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिला पुलिस बल, डीआरजी, इंटेलिजेंस सेल, एसटीएफ, सीआरपीएफ की विभिन्न वाहिनियों और कोबरा बटालियन 203 के जवानों की सक्रिय भूमिका इस आत्मसमर्पण को संभव बनाने में रही. पुलिस ने दूसरे नक्सलियों से भी अपील की है कि वे जल्द सरेंडर करें.

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