बस्तर ओलंपिक 2025 : 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताओं का आगाज
रायपुर। बस्तर संभाग के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने, उनकी रचनात्मकता और खेल प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक-2025 का आयोजन इस वर्ष फिर से किया जा रहा है. इस आयोजन का मकसद बस्तर क्षेत्र के युवाओं को शासन की मुख्य धारा से जोड़ते हुए उन्हें सकारात्मक मंच देना है. पिछले वर्ष की तरह इस बार भी यह आयोजन पूरे बस्तर संभाग के सभी जिलों में विकासखंड स्तर से लेकर संभाग स्तर तक किया जाएगा.
युवाओं को मंच देने की पहल: राज्य सरकार की यह पहल बस्तर के युवाओं में आत्मविश्वास जगाने और उनमें छिपी खेल प्रतिभा को पहचानने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. बस्तर ओलंपिक के माध्यम से शासन न केवल ग्रामीण अंचल के युवाओं तक पहुंच बना रहा है, बल्कि उन्हें सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का अवसर भी दे रहा है.
खेलों की विविधता: बस्तर ओलंपिक में इस वर्ष भी विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी. इनमें एथलेटिक्स (100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो, 4×100 मीटर रिले रेस), तीरंदाजी, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन, कराते और वॉलीबॉल जैसे लोकप्रिय खेल शामिल हैं. वहीं, महिला सीनियर वर्ग के लिए रस्साकसी की रोमांचक प्रतियोगिता होगी. जिला स्तर पर हॉकी और वेट लिफ्टिंग की स्पर्धाएं भी आयोजित की जाएंगी.
दो वर्गों में प्रतियोगिता
बस्तर ओलंपिक-2025 में प्रतियोगिताएं दो वर्गों में होंगी —
- जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष) : बालक और बालिका वर्ग के युवा खिलाड़ी
- सीनियर वर्ग (महिला एवं पुरुष) : जिसमें आयु सीमा निर्धारित नहीं
विकासखंड स्तर पर चयनित खिलाड़ी जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे और वहां से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी संभाग स्तर तक पहुंचेंगे.
आयोजन की तिथि: बस्तर ओलंपिक-2025 के तहत विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताएं 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक आयोजित की जाएंगी. इस अवधि में सभी विकासखंडों में खेलों की तैयारियां और आयोजन एक साथ चलेंगे. इसके बाद प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं की रूपरेखा तय की जाएगी.
विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताओं के बाद दो दिनों के भीतर प्रथम स्थान प्राप्त खिलाड़ियों की जानकारी संबंधित दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं. इसमें पंजीयन फॉर्म, प्रतिभागियों की सूची, अंक विवरण और अभिलेख शामिल हैं, जिन्हें जिला खेल अधिकारी को प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है.
खेलों के माध्यम से आत्मविश्वास और एकता: बस्तर ओलंपिक का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बस्तर के युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और एकता की भावना को भी प्रबल करता है. इस आयोजन के माध्यम से गांव-गांव के युवा खेलों के जरिए अपनी पहचान बना रहे हैं. सरकार की यह पहल खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और बस्तर को नए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का केंद्र बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बन चुकी है.
