January 22, 2026

सुपारी के नाम पर लिया लाइसेंस लेकिन चला रहा था गुटखा फैक्ट्री, जीएसटी विभाग की कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

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रायपुर। शहर में सुपारी के नाम पर गुटखा बनाने और बेचने का काला कारोबार लगातार चल रहा था. चार साल से फैक्ट्रियों को बदल-बदलकर यह अवैध धंधा संचालित किया जा रहा था, ताकि कर विभाग की नज़र से बचा जा सके. करोड़ों की टैक्स चोरी और मजदूरों के खुलेआम शोषण का खुलासा राज्य कर विभाग की कार्रवाई में हुआ. आरोपी मालिक अब गिरफ्त में है और उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं.

जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई: राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने गुटखा कारोबार में बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए गुटखा निर्माता गुरूमुख जुमनानी को गिरफ्तार कर लिया है. विभागीय जांच में सामने आया कि जुमनानी पिछले चार वर्षों से बिना जीएसटी पंजीयन के गुटखा निर्माण कर करोड़ों रुपये का हेरफेर कर रहा था.

जांच में खुली अवैध कारोबार की परतें: जीएसटी विभाग द्वारा 25 और 27 जून 2025 को दुर्ग और राजनांदगांव में की गई जांच के दौरान यह मामला उजागर हुआ. जांच में पाया गया कि वर्ष 2021 से लगातार गुटखा का उत्पादन अवैध रूप से किया जा रहा था. विभाग ने समन जारी किया, लेकिन कारोबारी दो माह तक पेश नहीं हुआ. जांच में सामने आया कि कारोबारी ने समय-समय पर अलग-अलग जिलों में फैक्ट्रियां संचालित की. अप्रैल 2021 से सितम्बर 2022 तक राजनांदगांव के ग्राम मनकी और खैरागढ़ के ग्राम ठेलकाडीह, जनवरी 2023 से जून 2023 तक रायपुर के मंदिर हसौद और भनपुरी तथा जुलाई 2023 से जून 2025 तक दुर्ग के बाईरडीह, जोरातराई और गनियारी में गुटखा निर्माण होता रहा. छापों से बचने के लिए हर महीने फैक्ट्री का स्थान बदला जाता था और माल गोदामों में अलग-अलग नामों से छिपाकर बेचा जाता था.

सुपारी कारोबार के नाम पर गुटखे की बिक्री: जुमनानी ने अपने बेटे सागर जुमनानी के नाम से कोमल फूड नामक सुपारी गोदाम दुर्ग में संचालित किया. यहां कागजों में केवल सुपारी बिक्री दिखाई जाती थी, जबकि असल में सुपारी को गुटखे में बदलकर बेचा जाता था. गौरतलब है कि सुपारी पर मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी है, जबकि गुटखे पर 28 प्रतिशत जीएसटी और 204 प्रतिशत तक का सेस लगाया जाता है. इसी हेराफेरी से सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ.

पूर्व में भी हो चुकी है कार्रवाई: मार्च 2024 में जीएसटी विभाग ने दुर्ग और राजनांदगांव में छापेमारी की थी, जिसमें 50 लाख टैक्स वसूला गया था. वहीं खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी करीब 1.5 करोड़ की सुपारी जब्त की थी. जांच से यह भी पता चला कि फैक्ट्रियों में मध्य प्रदेश से लाए गए युवकों को बंधुआ मजदूर की तरह काम कराया जाता था. मजदूरों से पूरी रात काम लिया जाता था और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी. हर तीन माह में मजदूरों को बदल दिया जाता था. स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि फैक्ट्री का संचालन स्वयं गुरूमुख जुमनानी ही कर रहा था.

जीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत गिरफ्तार: राज्य कर विभाग ने 23 सितम्बर 2025 को जुमनानी को जीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत गिरफ्तार किया. विभागीय रिपोर्ट के अनुसार आरोपी प्रतिदिन लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का गुटखा तैयार कर बाजार में बेचता था. विभाग फिलहाल हेरफेर की राशि का आकलन कर आगे की कार्रवाई में जुटी है. राज्य सरकार ने साफ किया है कि कर चोरी, अवैध कारोबार और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. सरकार ने कहा कि ऐसे मामलों में न केवल टैक्स वसूला जाएगा बल्कि दंडात्मक कार्रवाई और गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाएगी. सरकार ने चेतावनी दी कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और जनता के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.

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