January 24, 2026

किसानों की अधिक दाम पर बेची जा रही थी यूरिया, कलेक्टर तक पहुंची शिकायत तो हुआ एक्शन, मच गया हड़कंप

sargu

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के किसान इन दिनों यूरिया को मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। कहीं किसानों को यूरिया नहीं मिल रही है तो कभी यूरिया की ब्लैकमेलिंग हो रही है। सहकारी समिति में 267 रुपए का यूरिया 600 रुपए में बेचने से परेशान किसानों की शिकायक के बाद सरगुजा कलेक्टर ने कड़ा एक्शन लिया है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने एक दुकान को सील कर दिया है।

शनिवार को कृषि विभाग की टीम और जिला विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए यूरिया की काला बाजारी के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की है। टीम ने बहुउद्देशीय सहकारी समिति को सील कर दिया है। कलेक्टर के निर्देश के बाद यह एक्शन लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस सहकारी समिति की लंबे समय से शिकायत मिल रही थी यहां खाद को ज्यादा दामों पर बेचा जा रहा है।

अधिक दाम में बेची जा रही थी यूरिया
अधिकारियों ने बताया कि अंबिकापुर प्रतापपुर रोड़ स्थित सकालो में यह सहकारी समिति संचालित हो रही थी। लम्बे समय से क़ृषि विभाग के अफसरों को शिकायत मिल रही थी कि किसानों को ज्यादा दाम में यहां यूरिया बेची जा रही है। 267 रुपये में मिलने वाली यूरिया को 600 रुपये प्रति बोरी के दर से बेचा जा रहा था। इस कार्रवाई के बाद खाद की कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप मच गया है।

किसानों ने की थी शिकायत
अंबिकापुर से लगे सकालो के बहुउद्देशीय सहकारी समिति में 267 रुपये का मिलने वाला यूरिया किसानों को 600 में बेचा जा रहा था। इससे परेशान होकर किसानों ने सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर से शिकायत की थी। कलेक्टर विलास भोस्कर के निर्देश पर टीम मौके पर पहुंची थी। जिसके बाद टीम ने जांच की और बहुउद्देशीय सहकारी समिति के गोदाम को सील कर दिया। किसानों ने बताया कि सहकारी समिति ने खाद का भंडारण अपने गोदाम के अलावा फॉर्म हाउस में भी किया है।

सरकार का दावा पर्याप्त खाद
छत्तीसगढ़ में खाद संकट के बीच सरकार ने दावा किया है कि राज्य में खाद की किसी तरह की कमी नहीं है। राज्य में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। वहीं, विपक्ष खाद के मुद्दे पर सरकार को घेरने में लगा है।

मुख्य खबरे

error: Content is protected !!