40 लाख का इनाम, 70 से अधिक केस, महिला नेता सुजाता ने टेके घुटने, तो माओवादियों को लगा बड़ा झटका
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन की केंद्रीय समिति की सदस्य सुजाता उर्फ कल्पना ने तेलंगाना में सरेंडर कर दिया है। इसके सरेंडर करने से माओवादी आंदोलन के लिए गंभीर झटका माना जा रहा है।
सुजाता दण्डकारण्य पर सुरक्षाबलों ने 40 लाख का इनाम रखा था। बस्तर रेंज के कई जिलों में उसके खिलाफ 72 से अधिक मामले दर्ज हैं। सुजाता विशेष जोनल समिति के दक्षिण उप-जोनल ब्यूरो की प्रभारी थी। बताया जा रहा है कि बस्तर रेंज की पुलिस ने माओवादियों के खिलाफ अभियान तेज किया तो उसने सरेंडर किया है।
माओवादियों को पहुंची है गहरी चोट
सुजाता के सरेंडर करने पर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पाट्टलिंगम ने कहा है कि यह माओवादी विरोधी रणनीति की सफलता है। उन्होंने कहा कि सुजाता का सरेंडर बस्तर में लागू मजबूत और बहुआयामी रणनीति का परिणाम है। पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र बलों और खुफिया एजेंसियों के समन्वित प्रयासों ने माओवादी ढांचे को गहरी चोट पहुंचाई है।
पिछले कुछ महीने में हुई बड़ी कार्रवाई
पिछले कुछ महीनों में बस्तर और अन्य माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में माओवादियों को भारी नुकसान हुआ है। इसमें कई नेताओं पर कार्रवाई हुई है। हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी हुई है और उनके ठिकानों को ध्वस्त किया गया है। पाट्टलिंगम ने माओवादी नेतृत्व को चेतावनी दी कि हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी सक्रिय पुलिसिंग और सरकार की विकास-केंद्रित नीतियों ने माओवादियों का जनाधार खत्म कर दिया है।
माओवादियों के आत्मविश्वास पर संकट साफ दिख रहा
सुजाता का सरेंडर करने माओवादी संगठन में बढ़ते आत्मविश्वास के संकट को दिखाता है। आईजीपी ने शेष माओवादी कैडर और नेताओं से हथियार डालकर शांति और विकास के रास्ते पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान तब तक जारी रहेंगे, जब तक वामपंथी उग्रवाद का पूर्ण अंत नहीं हो जाता। यह सरेंडर बस्तर के लोगों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
