January 24, 2026

रायपुर निगम ने पूर्व CM को भेजा नोटिस, भूपेश बोले- यह नोटिस अवैध पर सीएम साय की इच्छा पूरी करुंगा

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रायपुर। नगर निगम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उनके पुराने बंगले (पाटन सदन) का प्रॉपर्टी टैक्स 7,258 रुपए जमा करने के लिए डिमांड नोटिस भेजा है। हालांकि, बघेल ने इस नोटिस को अवैध बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- मैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी को 7,258 रुपए अदा करने का वचन देता हूं।

भूपेश ने मुख्यमंत्री ऐसे घेरा
भूपेश ने X पोस्ट पर लिखा कि वैसे तो शासकीय आवास में संपत्ति कर नहीं लगता, फिर भी जिस पाटन सदन को मैंने पौने दो साल पहले ही खाली कर दिया था, आज मुझे नोटिस भेजा गया है। भले ही यह नोटिस अवैध है, मैं मुख्यमंत्री जी की इच्छा पूरी करूंगा। अच्छा है कि वे भी तैयार रहें क्योंकि उनकी सरकार कुनकुरी सदन का भी तो टैक्स मांगेगी।

यहां बता दें, वर्तमान में पाटन सदन का नाम कुनकुरी सदन कर दिया दिया है। वैसे तो इस बंगले का इस्तेमाल बाहर से आने वाले गेस्ट और सीएम के क्षेत्र के लोगों के लिए किया जाता है, लेकिन सीएम साय ने इसे जनसेवा के समर्पित कर दिया। जहां मरीजों के परिजनों के लिए रुकने से लेकर खाने-पीने तक की व्यवस्था है।

कांग्रेस का आरोप-सरकार का पूर्वाग्रह
कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा है और कहा कि यह प्रॉपर्टी टैक्स का अवैध नोटिस है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने यह बंगला पाटन सदन पौने दो साल पहले छोड़ दिया था, ऐसे में नोटिस भेजना सरकार का पूर्वाग्रह दर्शाता है। सरकारी भवन का प्रॉपर्टी टैक्स लेने की कोई परंपरा नहीं।

कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार नशे में चल रही है या पूर्वाग्रह से ग्रसित है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उनके नाम से सरकारी आवास अलॉट था, जो उनके मुख्यमंत्री रहते हुए पाटन सदन की जनता को समर्पित था। जो वर्तमान में कुनकुरी सदन है। अब वहां का 7200 का प्रॉपर्टी टैक्स का नोटिस भूपेश बघेल को भेजा गया है, यह बेहद ही हास्यास्पद और चिंताजनक भी है।

निगम ने नहीं भेजा नोटिस
मेयर मीनल चौबे ने कहा कि नगर निगम की ओर से कोई नोटिस नहीं भेजा गया है। वह ऑनलाइन बॉट के जरिए भेजा गया डिमांड बिल है। जो मोबाइल नंबर पर गया है। वर्तमान में जो प्रॉपर्टी आईडी पर डिमांड बिल भेजा गया है, उसमें प्रॉपर्टी टैक्स जीरो है।

इस आईडी में समेकित कर, जलकर और यूजर्स चार्ज का निर्धारण किया गया है और वह 2019 से 2024- 25 तक इसी नाम से पूर्व में भुगतान किया गया है। वर्तमान में भवन आवंटन की जांच कर इस वित्तीय वर्ष में नाम अपडेट कर लिया जाएगा। नगर निगम की ओर से कोई नोटिस नहीं भेजा गया, यह ऑनलाइन जनरेटेड डिमांड बिल है। यह किसी प्रकार का नोटिस नहीं है।

बीजेपी बोला- यह ऑटोमैटिक मैसेज था
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि कुछ कारणों से भूपेश बघेल को हर चीज नोटिस ही नजर आती है। यह एक ऑटोमैटिक मैसेज था, कोई नोटिस नहीं था। इसे महापौर ने भी स्पष्ट कर दिया है, मुद्दों के काल से जूझ रही कांग्रेस और भूपेश बघेल को मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए कुछ ना कुछ करते रहना पड़ता है। यह कार्य भी उनका एक असफल प्रयास है। 7000 रुपए के एक ऑटोमेटेड मैसेज को इतना बड़ा हव्वा बता कर जो प्रस्तुत कर रही है। इससे वह खुद ही प्रमाणित कर रही है वैचारिक रूप से वे दिवालिया हो चुके हैं ।

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