CG : कार ने स्कूटी को मारी टक्कर, स्कूल जा रही शिक्षिका की मौत, चालक गिरफ्तार
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक भीषण सड़क हादसे में शिक्षिका की जान चली गयी। हादसा उस वक्त हुआ, जब शिक्षिका स्कूल के बाद वापस लौट रही थी। धमतरी से रायपुर रोड पर कोड़ेबोड़ के पास उनकी स्कूटी दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। भाखरा क्षेत्र के ग्राम सेमरा निवासी शिक्षिका नंदनी सिन्हा (49 वर्ष), पति हरीश राजू सिन्हा, रोजाना अपने स्कूटी (क्रमांक CG 05 AK 2522) से कुरूद ब्लॉक स्थित ग्राम कुंडेल हायर सेकेंडरी स्कूल जाया करती थीं। शनिवार को भी वह सुबह स्कूल गईं और छुट्टी के बाद घर लौट रही थीं।जैसे ही वह कोड़ेबोड़ मोड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचीं, रायपुर से धमतरी की ओर आ रही स्विफ्ट कार (क्रमांक CG 04 KZ 9974) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
गंभीर चोट और मौत
टक्कर इतनी भीषण थी कि नंदनी सिन्हा स्कूटी से सड़क पर गिर गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल कुरूद पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे ने परिजनों और ग्रामीणों को गहरे शोक में डाल दिया है।
बताया जा रहा है कि, शिक्षिका स्कूल से वापस अपने गांव लौट रही थीं। मृत शिक्षिका की पहचान नन्दनी सिन्हा निवासी सेमरा(बी) नाम से हुई है। मृत शिक्षिका मगरलोड ब्लॉक के ग्राम कुंडेल हाई सेकेंडरी में पदस्थ थीं। यह पूरी घटना नेशनल हाईवे में कोड़ेबोड के पास की है। मौके पर ही बीरेझर पुलिस पहुंची और मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही बिरेझर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल स्विफ्ट कार को जब्त कर लिया है और चालक को हिरासत में ले लिया गया है। साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण हुआ।
शोक की लहर
इस घटना के बाद शिक्षिका के गांव सेमरा और उनके पदस्थ विद्यालय कुंडेल हायर सेकेंडरी स्कूल में शोक की लहर है। नंदनी सिन्हा को एक जिम्मेदार और लोकप्रिय शिक्षिका के रूप में जाना जाता था। स्कूल स्टाफ और छात्रों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।गांव के लोगों का कहना है कि नंदनी सिन्हा न केवल एक शिक्षिका थीं, बल्कि सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहती थीं। उनके असामयिक निधन से परिवार, स्कूल और गांव को अपूरणीय क्षति हुई है।
