January 23, 2026

CG : क्या एक मंत्री को देना पड़ेगा इस्तीफा? कांग्रेस का दावा- साय मंत्रिमंडल का फेरबदल असंवैधानिक, जानें क्या है नियम

VVVVBBBNNMM

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार के बाद सियासत तेज हो गई है। राज्य के गठन के बाद पहली बार सीएम समेत 14 मंत्री बने हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री समेत मंत्रिमंडल में 13 सदस्य शामिल थे। नेता प्रतिपक्ष ने इस संबंध में राज्यपाल को लेटर लिखा है वहीं, अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी सवाल उठाए हैं। दीपक बैज ने कहा कि साय मंत्रिमंडल का फेरबदल असंवैधानिक है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री को मिलाकर कुल 13 मंत्री ही बन सकते हैं। विस्तार के बाद संख्या 14 हो गई है। सरकार ने 13वें मंत्री के लिये अनुमति कब लिया तथा इसका गजट नोटिफिकेशन कब किया गया, इसको सार्वजनिक किया जाए, यदि बिना अनुमति के अतिरिक्त मंत्री को शपथ दिलाया गया है तो यह मंत्रिमंडल फर्जी है। एक मंत्री को तत्काल हटाया जाना चाहिये।

सरकार की तरफ से नहीं मिला जवाब
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार इस मामले को उठा रही लेकिन सरकार की तरफ से कोई भी तार्किक जवाब नहीं दिया गया और न ही अनुमति के बारे में कोई जवाब आया इसका मतलब सरकार ने कोई अनुमति लिए बिना एक अतिरिक्त मंत्री बना दिया है जो फर्जी है। मंत्रिमंडल के विभाग फेरबदल में गृहमंत्री भी बदलना था। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा गृह विभाग संभाल नहीं पा रहे है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा 20 महीने में परफॉर्मेंस दिखाने में असफल साबित हो गए हैं। आए दिन हत्या चाकूबाजी, लूटपाट, डकैती, अपहरण, बलात्कार, गोलीबारी की घटनाएं हो रही है, नशीली दवाइयों की तस्करी बढ़ गई है, जेल में भी आपराधिक बेलगाम हो रही हैं।

दीपक बैद ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से फ्लॉप हो गई है, अपराधी अनियंत्रित हो गये हैं। मुख्यमंत्री को उनसे गृह विभाग वापस लेकर किसी अन्य को देना था, ताकि प्रदेश की कानून व्यवस्था सुधरे।

बीजेपी ने दिया था जवाब
मंत्रिमंडल विस्तार में सदस्यों की संख्या बढ़ाने को लेकर डेप्युटी सीएम अरुण साव ने जवाब दिया था। अरुण साव ने कांग्रेस की आलोचना की और कहा कि जिनका संविधान का उल्लंघन करने, उसे कमजोर करने और उसे कुचलने का इतिहास रहा है, उन्हें भाजपा पर आरोप नहीं लगाने चाहिए। ”यह संवैधानिक प्रक्रियाओं के अनुसार किया गया है। हमारे सामने हरियाणा का उदाहरण है तथा यह संविधान सम्मत है। हम संविधान को मानने वाले हैं। हम संविधान के हिसाब से चलने वाले लोग हैं। जिनका इतिहास है संविधान की अवहेलना करने का, संविधान को चकनाचूर करने का और कुचलने का, वह हम पर इस प्रकार के आरोप न लगाएं।”

क्या है कैबिनेट विस्तार का नियम
संविधान (91वां संशोधन) अधिनियम, 2003 के लागू होने के बाद से 90 सदस्यीय विधानसभा वाले छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री सहित 13 विधायक पारंपरिक रूप से मंत्रिमंडल का हिस्सा रहे हैं। मुख्यमंत्री सहित किसी राज्य के मंत्रिपरिषद का आकार विधानसभा की कुल संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। बीस अगस्त को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंत्रिमंडल में भाजपा के तीन विधायकों को शामिल किया गया, जिससे मंत्रिमंडल की संख्या बढ़कर 14 हो गई। सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने ‘हरियाणा मॉडल’ अपनाया है, जहां 90 सदस्यीय विधानसभा में मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री होते हैं।

मुख्य खबरे

error: Content is protected !!