January 23, 2026

‘माखनचोर’ नहीं थे भगवान श्रीकृष्ण ! CM मोहन यादव ने कहा- ये गलत टैग, चलाएंगे जनचेतना अभियान

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भोपाल। हम अक्सर भजनों या सत्संग आदि में कथावाचकों को भगवान श्रीकृष्ण को ‘माखनचोर’ नाम से भी पुकारते सुनते रहे हैं…लेकिन अब इसी ‘माखनचोर’ शब्द पर मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार को आपत्ति है. ये आपत्ति इस कदर है कि मध्यप्रदेश सरकार इसे लेकर बकायदा अभियान चलाने जा रही है. खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है- भगवान कृष्ण ने कंस का विरोध करने का एक तरीका ढूंढा था और उसे ‘माखनचोर’ का नाम दे दिया गया जो गलत है. प्रदेश का संस्कृति विभाग अब भगवान पर लगे इस टैग को हटाने के लिए जन चेतना अभियान चलाएगा. इसमें कथावाचकों और धर्मगुरुओं से भी अपील की जाएगी. खुद मुख्यमंत्री भी अलग-अलग मंचों पर इस संबंध में अपनी बात रखेंगे.

संस्कृति विभाग ने शुरु किया अभियान
जन्माष्टमी के मौके पर जब मुख्यमंत्री ने इस तरह के चेतना अभियान का ऐलान किया तो प्रदेश के सांस्कृतिक विभाग ने इस पर काम भी शुरु कर दिया. सीएम के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी ने इसकी पुष्टि की है कि सरकार इसे लेकर एक अभियान चलाएगी.श्रीराम तिवारी के मुताबिक सांस्कृतिक विभाग लोगों के बीच जाएगा. लोगों को बताया जाएगा कि माखन चोरी करना.. भगवान कृष्ण का कंस की नीतियों के खिलाफ विद्रोह था. तिवारी के मुताबिक माखन चोर का टैग हटाने को लेकर संतों और महंतों ने भी सहमति जाहिर की है.

कंस के विरोध का ये तरीका था: मोहन यादव
जन्माष्टमी के मौके पर मुख्यमंत्री ने भी बताया था कि भगवान कृष्ण को माखन चोर कहना क्यों गलत है. CM के मुताबिक तब गोकुल में हजारों गाएं थीं और वहां से ही कंस के घर माखन जाया करता था. इसी बात को लेकर भगवान कृष्ण को आक्रोश था. उनका कहना था कि कंस हमारा माखन खाकर हम पर ही अत्याचार कर रहा है. इसी गुस्से को जाहिर करने के लिए उन्होंने उन्होंने ग्वाल-बाल की टोली बनाई थी. उन्होंने सभी को कहा था- अपना माखन खाओ और मटकी फोड़ दो लेकिन हमारे दुश्मन कंस तक माखन नहीं पहुंचना चाहिए. जाहिर है कृष्ण मकसद विद्रोह का संदेश देना था न की माखनचोरी का. भगवान श्रीकृष्ण की यह कहानी चोरी की नहीं बल्कि प्रेम, सादगी और लीला का प्रतीक है.

ये सरकार अपना इतिहास लिखना चाहती है: उमंग सिंघार
दूसरी तरफ मोहन यादव सरकार के इस अभियान का विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विरोध किया है. उन्होंने कहा है- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव अपना इतिहास लिखना चाहते हैं, भगवान कृष्ण की लीलाओं को बदलना चाहते हैं जो सही नहीं है. हम भी मानते हैं कि भगवान ने माखन चोरी नहीं की लेकिन मुख्यमंत्री ये क्यों नहीं बताते कि जनता के वोट चोरी करके उन्होंने मध्यप्रदेश में अपनी सरकार क्यों बनाई. उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार असल मुद्दों पर से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के अभियान चला रही है.

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